बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी थे फरार, CBI ने ऋषिकेश में घेराबंदी कर CGST अधिकारी को पकड़ा

CBI Arrest CGST Officer Rishikesh: CBI ने उत्तराखंड के ऋषिकेश से 40 लाख रुपये की रिश्वत मामले में फरार महाराष्ट्र सीजीएसटी के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी को गिरफ्तार कर लिया है। जानें पूरा मामला।
cbi arrests absconding maharashtra cgst officer in 40 lakh bribery case
CBI प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

CBI Arrests Absconding Maharashtra CGST Officer: सीबीआई ने उत्तराखंड के ऋषिकेश से सीजीएसटी के एक अधिकारी को 40 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला महाराष्ट्र के रायगढ़ की एक कंपनी के खिलाफ चल रही कार्रवाई से जुड़ा था।

अधिकारी ने बताया कि सीजीएसटी के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी 16 सितंबर से फरार थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी और दो अन्य सह-आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी और उन्हें सीबीआई के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया था।

सीबीआई ने लोकेशन ट्रेस कर लिया हिरासत में

बयान में कहा गया है कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के बजाय कंथेटी फरार हो गए थे। अब उन्हें ऋषिकेश में ढूंढ निकाला गया है और सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है।

सीबीआई ने बताया कि उनके सहयोगी और सीजीएसटी रायगढ़ के सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एक प्राइवेट व्यक्ति नरिंदर राजपूत पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई की मुंबई स्थित एंटी-करप्शन ब्रांच ने 26 अगस्त को 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988' की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया था।

1.50 करोड़ से घटाकर 40 लाख की रिश्वत की मांग

यह मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सीजीएसटी रायगढ़ (खंडेश्वर) के एक सुपरिटेंडेंट ने रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने बताया कि आरोप था कि शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्यवाही के सिलसिले में 1.50 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी, जिसे बाद में घटाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया था।

40 लाख लेते बिचौलिया रंगे हाथ पकड़ा गया

एजेंसी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने 27 अगस्त को एक जाल बिछाया। इस दौरान एक प्राइवेट व्यक्ति/कस्टम्स हाउस एजेंट को सीजीएसटी रायगढ़ के सुपरिटेंडेंट और एडिशनल कमिश्नर की ओर से कथित तौर पर 40 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा गया।

सीबीआई ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें ठाणे की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी।

स्पेशल कोर्ट ने कस्टडी खारिज कर दी जमानत

बयान के अनुसार, 28 अगस्त के आदेश में स्पेशल कोर्ट ने कस्टडी की मांग को खारिज कर दिया, गिरफ्तारियों को गैरकानूनी माना और आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया।

सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट के आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने एजेंसी की अपील स्वीकार कर ली, स्पेशल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और तीनों आरोपियों को दो दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया।

cbi arrests absconding maharashtra cgst officer in 40 lakh bribery case
IIT बॉम्बे विवाद: चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी, छात्रों ने की डायरेक्टर से इस्तीफे और जवाबदेही की मांग

हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया को सही पाया

बयान में कहा गया है कि रिकॉर्ड की जांच के बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी आरोपी को लिखित रूप में दी गई थी और परिवार के सदस्यों व वकीलों को भी विधिवत सूचित किया गया था।

सीबीआई ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद, आरोपी सुपरिटेंडेंट और आरोपी प्राइवेट व्यक्ति को दो दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में लिया गया और बाद में कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

हालांकि, आरोपी एडिशनल कमिश्नर हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के बजाय फरार हो गए। सीबीआई ने बताया कि अब उन्हें ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com