

2000 से अधिक UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR को लागू करने का फैसला टला।
CAIT के प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की थी मुलाकात।
दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में छोटे कारोबारियों और ग्राहकों को होगा फायदा।
CAIT ने MDR के फैसले पर रोक का स्वागत किया।
CAIT On UPI Charge: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को स्थगित करने के सरकार के निर्णय से लोगों को काफी राहत मिली है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। संगठन ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे देशभर के व्यापारियों, छोटे कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के हितों की रक्षा होगी।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। कैट के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में करीब 20 प्रमुख व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत MDR शुल्क के संभावित प्रभावों से अवगत कराया था।
कैट के उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष सुरेश भाई ठक्कर ने कहा कि सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब देशभर में त्योहारी और विवाह सीजन के चलते व्यापारिक गतिविधियां तेज होती हैं।
इस दौरान लाखों व्यापारी बेहतर कारोबार की उम्मीद करते हैं। ऐसे में अतिरिक्त लेनदेन शुल्क छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता था और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर भी असर पड़ सकता था।
कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार कैट डिजिटल भुगतान का पूर्ण समर्थन करता है, लेकिन यह व्यवस्था व्यापारियों, विशेषकर छोटे कारोबारियों के लिए किफायती और टिकाऊ बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि MDR शुल्क स्थगित करने का निर्णय व्यापारियों का विश्वास मजबूत करेगा और डिजिटल भारत के निर्माण में सरकार तथा व्यापारिक समुदाय के बीच साझेदारी को और सुदृढ़ बनाएगा।