Bombay High Court: मुंबई के नाविक की मौत पर परिवार की गुहार, पार्थिव शरीर भारत लाने की मांग

Oman Ship Attack Indian Sailor Death: ओमान तट पर जहाज पर हमले में मारे गए मुंबई के नाविक दीक्षित सोलंकी के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए Bombay High Court में याचिका दायर की है।
Bombay High Court Relief Teachers BLO Duty
बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bombay High Court Plea on Indian Sailor Body: मुंबई के एक नाविक की मौत के बाद उनका परिवार अब न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा रहा है।

ओमान तट के पास एक व्यापारिक जहाज पर हुए संदिग्ध हमले में जान गंवाने वाले दीक्षित सोलंकी के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की मांग की है।

Bombay High Court में दायर की याचिका

दीक्षित सोलंकी के पिता अमृतलाल सोलंकी और बहन मिताली सोलंकी ने अधिवक्ताओं के माध्यम से Bombay High Court में याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए। इस मामले में 6 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी।

जानकारी के अभाव पर उठाए सवाल

परिजनों का कहना है कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। परिवार को अब तक पूरी स्थिति का स्पष्ट विवरण नहीं मिल सका है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

4 मार्च को हुई थी घटना

25 वर्षीय दीक्षित सोलंकी की 4 मार्च को उस समय मृत्यु हो गई थी, जब ओमान तट के पास ‘एमटी एमकेडी व्योम’ नामक तेल टैंकर पर हमला हुआ। बताया जा रहा है कि विस्फोटकों से लदी एक ड्रोन नौका ने जहाज को निशाना बनाया था। यह घटना पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हुई थी।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग

परिवार ने केंद्र सरकार से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर पार्थिव शरीर भारत लाने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए बेटे का शव भारत लाना बेहद जरूरी है।

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