बीएमसी स्कूल के मिड-डे मील में मिला कांच का टुकड़ा, भड़कीं किशोरी पेडणेकर ने सीधे तुकाराम मुंढे को किया कॉल

Mid Day Meal Contamination: मुंबई के बीएमसी स्कूल में मिड-डे मील में कांच का टुकड़ा मिलने से हड़कंप। पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को कॉल कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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किशोरी पेडणेकर और FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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BMC School Mid Day Meal Glass Piece Found: मुंबई के घाटकोपर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है, जिसने सरकारी स्कूलों में दी जाने वाली Mid-Day Meal योजना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घाटकोपर स्थित पंतनगर अपर प्राइमरी हिंदी स्कूल में गुरुवार को छात्रों को परोसे गए भोजन में कांच के टुकड़े मिलने से हड़कंप मच गया। इस घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि मुंबई की राजनीति में भी उबाल ला दिया है।

यह घटना उस समय सामने आई जब स्कूल के बच्चे अपना दोपहर का भोजन कर रहे थे। खबर के अनुसार, एक छात्र को खाना खाते समय अचानक अपने दाँतों के बीच कुछ कठोर महसूस हुआ, जो जांच करने पर कांच का छोटा टुकड़ा निकला। छात्र की सजगता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। जैसे ही यह बात शिक्षकों तक पहुँची, उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत सभी छात्रों को खाना खाने से रोक दिया ताकि किसी को कोई चोट न पहुंचे।

किशोरी पेडणेकर का तुकाराम मुंढे को कॉल

इस घटना की जानकारी मिलते ही शिवसेना यूबीटी की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और सीधे FDA के आयुक्त तुकाराम मुंढे को फोन कर इस पर कड़ा ऐतराज जताया। पेडणेकर ने मांग की कि मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता और छात्रों की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संदेह के घेरे में श्रुति महिला संस्था

भोजन की आपूर्ति करने वाली संस्था श्रुति महिला संस्था अब जांच के घेरे में है। रिपोर्टों के अनुसार, इस संस्था द्वारा दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर इसी साल मार्च और अप्रैल में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, संस्था के प्रतिनिधि शैलेश तालेकर ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि वे खाद्य गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं और वे स्वयं स्कूल जाकर तथ्यों की जांच करेंगे।

प्रशासनिक कार्रवाई और सख्त चेतावनी

बीएमसी के शिक्षा अधिकारी कीर्तिवर्धन किरीटकुडवे ने मामले के सत्यापन के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे पहले ही राज्य भर के स्कूलों, कैंटीन और मिड-डे मील केंद्रों की विशेष जांच के आदेश दे चुके हैं। एफडीए ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

पारदर्शी जांच और सख्त नियम

इस घटना के बाद अभिभावकों और प्रहार शिक्षक संघ ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक आहार मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने मांग की है कि भोजन की आपूर्ति करने वाली साखली की नियमित जांच के लिए एक स्वतंत्र और पारदर्शी तंत्र बनाया जाए और दोषी आपूर्तिकर्ताओं के अनुबंध रद्द कर उन पर फौजदारी मामले दर्ज किए जाएं। फिलहाल, बीएमसी ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और भोजन के नमूनों को प्रयोगशाला में भेजने की तैयारी की जा रही है।

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