

BMC News: 6 महीने में मुंबई महानगरपालिका यानी BMC की तिजोरी में 3100 करोड़ रुपये आ चुके हैं। अप्रैल से सितंबर तक प्रॉपर्टी टैक्स की यह वसूली मनपा के सालाना लक्ष्य का 47% से ज्यादा है। लेकिन असली कहानी अब शुरू हुई है।
दरअसल, BMC ने बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कस दिया है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से लटक रहे बकाये को वसूलने के लिए अब सख्ती ही एकमात्र रास्ता बचा है। यही वजह है कि मनपा ने संपत्ति कर न चुकाने वालों को दूसरा और आखिरी नोटिस जारी कर दिया है। साफ चेतावनी है कि अगर बकाया रकम जमा नहीं की गई तो सीधी नीलामी होगी और बेदखली की कार्रवाई भी।
बीएमसी ने इसके लिए एम जंक्शन नाम की निजी कंपनी को नियुक्त किया है। यही कंपनी अब बकायेदारों की संपत्तियों की नीलामी ‘जैसा है-जहां है’ के आधार पर करेगी। नीलामी की प्रक्रिया अखबारों में विस्तृत जानकारी प्रकाशित कर शुरू होगी। बोली लगाने वाला जो जीतेगा वही संपत्ति का नया मालिक बनेगा और पुलिस की मदद से पुराने मालिक को बेदखल किया जाएगा। सोचिए, लगभग 40 साल बाद यानी 1984 के बाद फिर ऐसा कड़ा कदम उठाया जा रहा है।
BMC के रिकॉर्ड बताते हैं कि फिलहाल करीब 22 हजार करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसमें कई बड़े हाउसिंग सोसाइटी और बिल्डर भी शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर सायन स्थित साति सदन पर ही 3.29 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि चेंबूर के सुभाष नगर स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट पर 2.70 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स बकाया है।
बीएमसी का कहना है कि पहले 21 दिन का नोटिस दिया जाता है, फिर 7 दिन का दूसरा नोटिस। अगर तब भी रकम नहीं भरी गई तो नीलामी तुरंत कर दी जाती है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार मनपा की कार्रवाई सिर्फ दिखावे की नहीं बल्कि वास्तविक है। वसूली विभाग का टारगेट है कि करोड़ों रुपये का बकाया जल्द से जल्द खजाने में आए।
गौरतलब है कि पिछले कई सालों से प्रॉपर्टी टैक्स में गिरावट का सबसे बड़ा कारण 500 वर्ग फुट तक के घरों को टैक्स छूट और 2015-16 के बाद से टैक्स संशोधन न होना बताया गया। लेकिन अब मई 2025 में तैयार रेडी रेकनर दरों के आधार पर टैक्स को 15.89% तक पुनर्गठित किया गया है। इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
मुंबईकरों के लिए यह चेतावनी है कि अगर टैक्स नहीं भरा तो BMC अब किसी को नहीं छोड़ेगी। जो भी बकायेदार है, उसकी संपत्ति सीधे नीलामी की कतार में खड़ी कर दी जाएगी।