BMC Mayor: भास्कर जाधव का बड़ा दांव, उद्धव गुट के विधायक ने शिंदे से समर्थन की अपील की

BMC Mayor को लेकर उद्धव ठाकरे गुट में सियासी सरगर्मी बढ़ गई। विधायक भास्कर जाधव ने शिंदे गुट से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि यह बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर सही श्रद्धांजलि होगी।
Bhaskar Jadhav And Eknath Shinde
भास्कर जाधव और एकनाथ शिंदे (सौ. डिजाइन फोटो )
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Mumbai News In Hindi: बीएमसी के मेयर पद को लेकर अभी तक उद्धव ठाकरे की कवायद जारी है। ठाकरे गुट के विधायक भास्कर जाधव ने एक बड़ा दांव खेलते हुए बीएमसी के मेयर पद को लेकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से समर्थन मांग कर सबको चौका दिया है।

उन्होंने कहा कि अगर शिंदे गुट हमारा समर्थन करती है तो यह शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी पर उन्हें सही मायने में श्रद्धांजलि होगी। जाधव के इस बयान से पूरे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है।

जब जाधव से पत्रकारों ने पूछा कि क्या महापौर के लिए एकनाथ शिंदे को उद्धव ठाकरे को समर्थन देना चाहिए इस पर उन्होंने कहा कि मान, अपमान, अहंकार को अलग रखते हुए शिंदे को बड़ा दिल दिखाना चाहिए।

यह साल बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी का साल है। लेकिन मुंबई का मेयर शिवसेना का न हो यह हम सबके लिए दुख की बात है। जो भी बालासाहेब के विचारों को लेकर आगे जाना चाहते हैं, उनसे मेरी विनती है कि मेयर पद के लिए उद्धव ठाकरे को समर्थन दें।

बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

बीएमसी मेयर पद के लिए निकाली गई लॉटरी में यह सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 89 सीटों हासिल की है। जबकि शिंदे गुट को 29 सीटों पर जीत मिली।

राजनीति में कुछ भी हो सकता है: गुलाबराव पाटिल

शिंदे गुट के कैबिनेट मंत्री गुलाबराव पाटिल ने यूबीटी विधायक जाधव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कौन कब किसके साथ जाएगा, यह पक्के तौर पर कहना मुमकिन नहीं है। 20 साल बाद दोनों भाई (उद्धव व राज ठाकरे एक साथ आ गए है। इसलिए, भविष्य में शिवसेना की दोनों पार्टियों के एक साथ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पाटिल के इस बयान से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

इतने बुरे दिन नहीं आएं

जाधव के बयान को उनकी पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत का समर्थन नहीं मिला है, उन्होंने कहा कि हमारे इतने बुरे दिन नहीं आए है कि हमें शिंदे गुट से समर्थन मांगना पड़े। राउत ने कहा कि एक बार बीजेपी के साथ जाने की हम सोच सकते है, लेकिन शिंदे के साथ गठबंधन का सवाल नहीं उठता है।