

BMC Hospitals Digital Dashboard System: बीएमसी अपने अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मरीजों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक इलाज उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही अस्पतालों में डिजिटल डैशबोर्ड सिस्टम लागू किया जाएगा।
इस नई तकनीक के माध्यम से अस्पतालों की विभिन्न सेवाओं और संसाधनों की निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली में अस्पतालों में उपलब्ध और खाली बेड, भर्ती मरीजों की संख्या, मेडिकल मशीनों की कार्य स्थिति, दवाइयों के स्टॉक और जांच रिपोर्ट जैसी जानकारियां तुरंत देखी जा सकेंगी।
इससे मरीजों और उनके परिजनों को अलग-अलग काउंटरों और विभागों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। हरीश भांदिर्गे ने बताया कि अगले 30 दिनों के भीतर यह डैशबोर्ड सिस्टम तैयार हो जाएगा। इस प्रस्ताव पर हाल ही में हुई बीएमसी स्वास्थ्य समिति की बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बीएमसी स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भांदिर्गे ने प्रमुख बीएमसी अस्पतालों के अधिष्ठाताओं के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। बैठक में केईएम, नायर, कूपर और एलटीटी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के उप आयुक्त शरद उघाडे ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि मुंबई के सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए अब स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का उपयोग समय की मांग बन चुका है।
प्रस्तावित डैशबोर्ड सिस्टम के जरिए अस्पताल प्रशासन को सभी विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे इलाज की प्रक्रिया में तेजी आएगी और व्यवस्थाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। बैठक में जीरो प्रिर्सक्रिप्शन योजना को और प्रभावी बनाने पर भी विशेष चर्चा की गई।
इस योजना के तहत मरीजों को अस्पताल से ही आवश्यक दवाइयां मुफ्त देने का उद्देश्य रखा गया है, ताकि उन्हें बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने की जरूरत न पड़े। अधिकारियों को अस्पतालों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कमी होने पर तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष हरिष भादिर्गे ने कहा कि बीएमसी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जानकारी की कमी और लंबी प्रक्रिया के कारण मरीजों को अवसर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, डिजिटल डैशबोर्ड लागू होने से अस्पतालों की कार्यप्रणाली अधिक तेज और व्यवस्थित बनेगी। बैठक में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने स्टाफ की समस्याओं के समाधान तथा अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।