BMC Election: मिनी सरकार पर टिकी लोगों की आस, धारावी से दादर तक समस्याओं का अंबार

Mumbai News: बीएमसी के जी उत्तर वार्ड में धारावी, सायन, माहिम और दादर की गंभीर समस्याओं से लोग परेशान हैं। चुनाव की घोषणा से राहत मिली है। त्रिकोणीय मुकाबले में सियासी जंग कड़ी मानी जा रही है।
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मुंबई में ट्रैफिक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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BMC Election Ward Analysis: मुंबई का धारावी, सायन, माहिम और दादर इलाका बीएमसी के जी उत्तर वार्ड में आता है। यहां समस्याओं का भी अंबार लगा रहता है, 3 वर्षों तक चुनाव न होने की वजह से स्थानीय लोगों के पास जन-प्रतिनिधि नहीं थे, जिस वजह से शिकायतें त्वरित हल नहीं हो पाती हैं। वहीं कई स्थानीय लोग ऐसे भी हैं, जो इस वार्ड के अधिकारी विनायक विसपुते के कामकाज से खुश नहीं हैं और उनके तबादले की मांग भी करते हैं।

बीएमसी चुनाव की घोषणा होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है और आने वाले नगरसेवकों से आस लगाए बैठे हैं। बीएमसी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस वार्ड की जनसंख्या करीब 6 लाख के आसपास है। इस वार्ड में नगरसेवक की 11 सीटें हैं, जहां पिछले चुनाव में शिवसेना का दबदबा देखने को मिला था। इस वर्ष शिवसेना (उद्धव गुट), कांग्रेस और भाजपा में त्रिकोणीय मुकाबले की उम्मीद लगाई जा रही है।

मनपा का चक्कर काट कर थके लोग

धारावी का पुनर्वास, शिवाजी पार्क में धूल की समस्या, माहिम कॉजवे में ट्रैफिक की समस्या, सायन कोलीवाड़ा में कोली समुदाय की समस्या जैसे कुछ बड़े कंपनी द्वारा मानसून में अवैध रूप से मछली पकड़ना जैसे तमाम समस्याओं से यह इलाका लगातार जूझ रहा है। स्थानीय निवासी वायु प्रदूषण, अवैध पार्किंग, फुटपाथ अतिक्रमण की वजह से भी परेशान है। कई इलाकों में पानी के कनेक्शन नहीं है, जिस वजह से लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। बीएमसी कार्यालय के चक्कर काटकर लोग थक गए, लेकिन उनका कोई सुनने वाला नहीं है।। ऐसे में लोग नगरसेवक से काफी कुछ उम्मीदें लेकर बैठे हैं।

इलाके की समस्याएं

  • शिवाजी पार्क प्रदूषण
  • माहिम कॉजवे ट्रैफिक जाम
  • पानी के कनेक्शन न मिलना
  • बीएमसी की अधूरी परियोजनाएं
  • कुंभारवाड़ा की समस्या

वार्ड पूर्व पार्षद मौजूदा आरक्षण

वार्ड नंबर पार्षद का नाम पार्टी आरक्षण श्रेणी प्राप्त वोट
वार्ड 182 मिलिंद वैद्य शिवसेना ओबीसी 6,899
वार्ड 183 गंगा माने कांग्रेस अनुसूचित जाति (महिला) 3,896
वार्ड 184 बब्बू खान कांग्रेस महिला 7,017
वार्ड 185 थैवलपिल मक्कुनी शिवसेना सामान्य 5,802
वार्ड 186 वसंत नकाशे शिवसेना अनुसूचित जाति (महिला) 8,794
वार्ड 187 मरिअम्माल वेवर शिवसेना ओबीसी 6,876
वार्ड 188 रेशमा बानो खान राकांपा सामान्य 7,150
वार्ड 189 हर्षला मोरे मनसे अनुसूचित जाति (महिला) 5,920
वार्ड 190 शीतल गभीर बीजेपी सामान्य 8,401
वार्ड 191 विशाखा राउत शिवसेना ओबीसी (महिला) 10,660
वार्ड 192 प्रीति पाटणकर शिवसेना सामान्य 10,525

किला बचाने यूबीटी को बहाना पड़ेगा पसीना

इस वार्ड के अंतर्गत नगरसेवकों की कुल 11 सीटें हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में 11 सीटों में से 6 सीटों पर शिवसेना ने कब्जा किया था। वहीं दो सीटों पर कांग्रेस और मात्र एक- एक सीट पर राकांपा, भाजपा व मनसे ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस वर्ष शिवसेना व राकां दो गुटों में विभाजित है, जिससे बीजेपी का पलड़ा भारी दिख रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस इलाके में बीजेपी और शिवसेना (उद्धव गुट) के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। वहीं शिवसेना और मनसे के एक साथ आने से मराठी वोटर उनके पक्ष में होने की उम्मीद जताई जा रही है। शिवसेना (उद्धव गुट) को यहां अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ेगा।

-नवभारत लाइव के लिए मुंबई से ब्रिजेश पाठक की रिपोर्ट

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