बीएमसी में रिश्वतखोरी का खुलासा, नियुक्ति आदेश के बदले 15 हजार मांगने वाले दो कर्मचारी गिरफ्तार

BMC Employees Arrested in Bribery Case News:मुंबई में सफाई कर्मचारी को स्थायी नियुक्ति देने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। एसीबी ने बीएमसी के दो कर्मचारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
BMC Employees Arrested in Bribery Case
रिश्वत मामला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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BMC Employees Arrested in Bribery Case: मुंबई में सफाई कर्मचारी को स्थायी नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और 10 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के दो कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की मुंबई यूनिट ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रभारी सहायक मुख्य पर्यवेक्षक योगेश रमाकांत सावंत और घनकचरा प्रबंधन विभाग का कर्मचारी सुशांत चंद्रकांत गमरे शामिल हैं। दोनों के-साउथ वॉर्ड में कार्यरत हैं। विशेष सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 8 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

स्लम चौकी में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अंधेरी स्थित सहार स्लम चौकी में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने स्थायी सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। यह आवेदन प्रभारी सहायक मुख्य पर्यवेक्षक योगेश सावंत के पास लंबित था।

आरोप है कि नियुक्ति का स्थायी आदेश जारी करने के लिए सावंत ने 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की और स्पष्ट कर दिया कि बिना रकम दिए आदेश जारी नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने का दिखावा करते हुए मुंबई एसीबी यूनिट में शिकायत दर्ज कराई।

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शिकायत पर ACB की कार्रवाई

5 मई को संबंधित अधिकारियों ने शिकायत की सत्यता की जांच की। जांच के दौरान सावंत द्वारा 15 हजार रुपये की मांग और राशि स्वीकार करने की सहमति की पुष्टि हुई। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 15 हजार रुपये लेकर आरोपी से मिलने पहुंचे।

इस दौरान सावंत ने पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये अपने सहयोगी सुशात गमरे को देने को कहा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही गमरे को 10 हजार रुपये सौपे, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

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