Mumbai BMC Paperless Digital Meetings: मुंबई बीएमसी की महासभा, स्थायी समिति, बेस्ट, सुधार और शिक्षा समिति सहित सभी वैधानिक एवं विशेष समितियों की बैठकों में होने वाले कागजी कामकाज को अब पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है। समितियों का कामकाज तेज, सुरक्षित और पूरी तरह पेपरलेस बनाने के लिए मनपा ने 'डिजिटल मीटिंग मैनेजमेंट' नामक क्लाउड और सास आधारित आधुनिक प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस पूरी परियोजना पर सालाना करीब 42 लाख 77 हजार 353 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
समाचार पत्रों में सार्वजनिक निविदा जारी किए बिना यह सेवा सीधे मूल कंपनी से लेने के लिए स्थायी समिति के समक्ष मंजूरी का प्रस्ताव पेश किया गया है। फिलहाल मनपा के विभिन्न विभागों की ओर से बैठकों के लिए विषयपत्रिका, प्रशासनिक प्रस्ताव और अन्य दस्तावेज पारंपरिक तरीके से भौतिक रूप में मनपा सचिव विभाग को भेजे जाते हैं।
इस बीच, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने केंद्र सरकार की एनआईसी की ई-कैबिनेट प्रणाली के विकल्प की भी जांच की। हालांकि यह प्रणाली फिलहाल केवल राज्य सरकार के सचिवालय के लिए उपलब्ध है और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसके बाद अन्य निजी विकल्पों का तकनीकी और आर्थिक मूल्यांकन किया गया। इसमें मे। बोर्डपैक प्रा. लि. कंपनी तकनीकी मानकों पर सबसे बेहतर पाई गई इसी समस्या के समाधान के लिए 300 उपयोगकर्ताओं, यानी नगरसेवकों, समिति सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए यह डिजिटल प्रणाली लागू की जा रही है।
इसके माध्यम से बैठक का एजेंडा तुरंत तैयार कर सदस्यों तक डिजिटल रूप में पहुंचाया जा सकेगा, सदस्य मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप पर दस्तावेज देख सकेंगे और उन पर डिजिटल नोट्स भी दर्ज कर सकेंगे, इसके अलावा प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दस्तावेज सारांश और सर्व सुविधा, व्हॉट्सऐप, ईमेल और एसएमएस के जरिए बैठक संबंधी सूचनाएं भेजने की सुविधा भी होगी। सूचना की सुरक्षा के लिए एईएस-256 एनक्रिप्शन, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और भारतीय सर्वर पर डेटा सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके बाद प्रस्तावों का संकलन, छपाई और बैठक से पहले उन्हें सदस्यों तक पहुंचाने में काफी समय, लॉजिस्टिक व्यवस्था, मानव श्रम और बड़ी मात्रा में कागज खर्च होता है। साथ ही अंतिम समय में बैठक का संशोधित एजेंडा जारी करना या पुरानी बैठकों के रिकॉर्ड तलाशना भी प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए 300 उपयोगकर्ताओं, यानी नगरसेवकों, समिति सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए यह डिजिटल प्रणाली लागू की जा रही है।
इसी बीच बीएमसी मुख्यालय की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 87 अत्याधुनिक एआई सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है।
इनमें 41 डोम, 44 बुलेट और दो पीटीजेड कैमरे शामिल है।
मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग, बैंक, कैश विभाग, सभागार, आयुक्त कार्यालय, महापौर कार्यालय, स्थायी समिति कक्ष और पुराने-नए भवन को जोड़ने वाले कॉरिडोर समेत 48 संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी।
एआई प्रणाली संदिग्ध गतिविधियों और वस्तुओं की पहचान कर सुरक्षा दल को तत्काल अलर्ट दे सकेगी।
इस परियोजना पर करीब 3.44 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है काम नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।