

Bandra Railway Encroachment Drive News: मुंबई के बांद्रा स्टेशन के पास रेलवे की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान बड़ा बवाल देखने को मिला। रेलवे प्रशासन द्वारा गरीब नगर इलाके में अवैध झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई के दौरान 100 से 150 लोगों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया।
इसके बाद मुंबई पुलिस ने 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनके उपर हत्या की कोशिश) भी लगाई है। अब तक इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा अतिक्रमण की शिकायत की गई थी।
मुंबई हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान पात्र झोपड़ाधारकों के अधिकार सुरक्षित रखते हुए अन्य अवैध निर्माण हटाने की अनुमति दी थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने 19 मई से 23 मई 2026 के बीच निष्कासन अभियान चलाने का निर्णय लिया। कार्रवाई के लिए निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। 19 मई को कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन पूरी नहीं होने के कारण 20 मई को सुबह 10 बजे दोबारा अभियान चलाया गया। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 4:30 बजे कुछ असामाजिक तत्वों ने पुरुषों और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा कर कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा मेगाफोन से भीड़ को हटने की चेतावनी दी गई, लेकिन भीड़ और उग्र हो गई।
आरोप है कि भीड़ ने मुंबई पुलिस, रेलवे पुलिस और आरपीएफ जवानों पर जमकर पथराव किया, कुछ लोगों ने निर्माण स्थल पर पड़े सीमेंट ब्लॉक उठाकर पुलिसकर्मियों पर फेंके, हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
इस पथराव में मुंबई पुलिस के चार जवान घायल हुए है, जबकि एक पुलिसकर्मी के हाथ में फैक्चर आया है। वहीं, आरपीएफ कास्टेबल जितेंद्र कुमार सज्जन सिंह के नाक पर पत्थर लगने से उनकी नाक की हड्डी टूट गई। कुछ स्थानीय नागरिक भी इस हिसा में घायल हुए है।