

मुंबई: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप के रूप में हुई है, जिन्हें एस्प्लेनेड कोर्ट से ले जाया गया। कोर्ट ने आरोपी गुरमेल सिंह को 21 अक्टूबर तक मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया। वहीं दूसरे आरोपी धर्मराज कश्यप को पुलिस हिरासत में नहीं दी गई। कोर्ट ने दूसरे आरोपी को ऑसिफिकेशन टेस्ट कराने के बाद फिर से पेश करने का निर्देश दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दोनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने आरोपी गुरमेल सिंह को 21 अक्टूबर तक मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया है। वहीं दूसरे आरोपी को धर्मराज कश्यप का ऑसिफिकेशन टेस्ट कराने के बाद फिर से पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि धर्मराज ने कोर्ट में खुद को नाबालिग बताया है।
आरोपियों के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि "पुलिस ने आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। हमने इस पर आपत्ति जताई और जो भी आधार हम दे सकते थे, कोर्ट को दिए। कोर्ट ने उन सभी आधारों पर विचार किया और एक आरोपी को 21 अक्टूबर तक हिरासत में दिया गया है। और दूसरे आरोपी को ऑसिफिकेशन टेस्ट के बाद फिर से पेश किया जाए। पुलिस ने 14 दिन की हिरासत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत दी है। अगर कोर्ट को लगता है कि आगे की जांच जरूरी है, तो वह आगे की हिरासत दे सकती है।"
ऑसिफिकेशन टेस्ट एक चिकित्सा प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति की हड्डियों के संलयन की डिग्री का विश्लेषण करके उसकी उम्र का अनुमान लगाती है। यह उम्र निर्धारित करने का एक प्रचलित तरीका है। इसी प्रकिया के माध्यम से दूसरे आरोपी धर्मराज कश्यप की उम्र का पता लगाया जाएगा।