Mumbai News: JNPT पर बड़ा खुलासा: दुबई के रास्ते भारत लाया जा रहा था पाकिस्तानी माल

Pahalgam Attack के बाद से भारत और पाक के बीच में ट्रेड बंद हो गया था। लेकिन हाल ही में खबर आ रही है कि कुछ अधिकारियों की नजरों से बचकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान का माल भारत लाने की कोशिश नाकाम हुई।
Pahalgam Attack के बाद से भारत और पाक के बीच में ट्रेड बंद हो गया था। लेकिन हाल ही में खबर आ रही है कि कुछ अधिकारियों की नजरों से बचकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान का माल भारत आ रहा है।
पाकिस्तानी इंपोर्ट बैन (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Navi Mumbai News In Hindi: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। जिसके बाद दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो गई थीं।

एक तरफ भारत, जो पाकिस्तान के साथ सभी संबंधों को तोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुछ लोग अधिकारियों की नजरों से बचकर पाकिस्तान का माल दुबई के रास्ते मंगवाकर करोड़ों रुपये का व्यापार करने में लगे हुए हैं। सौंदर्य प्रसाधन और खजूर से भरे 28 कंटेनर जब्त मुंबई स्थित राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की एक टीम ने जेएनपीटी बंदरगाह पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रास्ते आने वाले बड़ी मात्रा में पाकिस्तानी सामान और वस्तुओं को भारत में लाने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस कार्रवाई में 12 करोड़ रुपये के सौंदर्य प्रसाधन और सूखे खजूर से भरे 28 कंटेनर जब्त किए गए हैं। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

भारत सरकार ने आयात पर लगा रखा है प्रतिबंध

भारत सरकार ने 2 मई, 2025 से पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद, डीआरआई ने ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट' नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत भारत आने वाले सामानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी बीच, जेएनपीटी बंदरगाह पर तीन भारतीय आयातकों ने यूएई के नाम पर दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से सूखे खजूर और सौंदर्य प्रसाधनों सहित 800 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सामान भेजा था।

भारत से अवैध माध्यमों से पाक भेजा पैसा

दुबई स्थित यह आपूर्तिकर्ता कमीशन पर काम कर रहा था और उसकी कंपनियों का इस्तेमाल पैसों के लेनदेन के लिए किया जा रहा था, भारत से पाकिस्तान में अवैध माध्यमों से पैसा भेजा जा रहा था। गौरतलब है कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदमों के बावजूद, माल के मूल देश की गलत जानकारी और जहाजों के दस्तावेजों में हेराफेरी करके धोखाधड़ी का यह सिलसिला अभी भी जारी है। इसलिए, अब सख्त कानूनों और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com