

Anna Hazare Letter PM Modi: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली में विद्यार्थियों के मौजूदा प्रदर्शन के दौरान हिंसा एवं पुलिस कार्रवाई 'बहुत दुखद' है तथा लोकतंत्र में संवाद हमेशा टकराव से बेहतर होता है। हजारे ने पत्र में यह भी कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि इससे दूसरे मंत्रियों को जवाबदेही के बारे में एक मजबूत संदेश जाएगा और शासन में सुधार आयेगा।
हजारे का यह पत्र ऐसे समय में आया है जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां नीट (मेडिकल प्रवेश) परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं।
अन्ना हजारे ने पीएम को लिखी चिट्ठी में कहा, "अगर जवाबदेही तय की जाए और किसी मंत्री का इस्तीफा लिया जाए, तो सरकार सत्ता नहीं गंवायेगी। बल्कि, इससे दूसरे मंत्रियों को एक साफ संदेश जाएगा कि अगर वे अपने विभागों की जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभाते हैं, तो उन्हें भी अपने पद छोड़ने पड़ सकते हैं।
इससे सरकार का कामकाज ज्यादा जवाबदेह और असरदार बनेगा।" उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा एवं पुलिस कार्रवाई को दुखद बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर स्थिति में हिंसा, सरकारी संपत्तियों को नुकसान तथा अत्यधिक बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए। गांधीवादी विचारक ने कहा कि देश के लाखों युवा परीक्षा के पेपर लीक होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर वह चिंतित है।
गांधीवादी विचारक ने अपने पत्र में कहा कि देश के लाखों युवा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने और युवाओं का विश्वास मजबूत करने की अपील की।