एअर इंडिया की पायलट की आत्महत्या का मामले में प्रेमी को राहत, कोर्ट ने आदित्य पंडित को दी जमानत

मुंबई की एक अदालत ने पिछले महीने कथित रूप से खुदकुशी करने वाली एअर इंडिया की एक पायलट के जेल में बंद प्रेमी आदित्य पंडित को शुक्रवार को जमानत दे दी। आत्महत्या के लिए उकसाने के आराेप में हुई थी गिरफ्तारी।
एअर इंडिया की पायलट की आत्महत्या का मामले में प्रेमी को राहत, कोर्ट ने आदित्य पंडित को दी जमानत
मृतक पायलट सृष्टि तुली व गिरफ्तार आरोपी आदित्य पंडित (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: मुंबई के मरोल इलाके में किराये के एक फ्लैट में रहने वाली 25 वर्षीय पायलट सृष्टि तुली 25 नवंबर की सुबह मृत मिली थी। एक दिन बाद पुलिस ने उसके प्रेमी आदित्य पंडित (27) को गिरफ्तार किया और उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। मुंबई की एक अदालत ने पिछले महीने कथित रूप से खुदकुशी करने वाली एअर इंडिया की एक पायलट के जेल में बंद प्रेमी आदित्य पंडित को शुक्रवार को जमानत दे दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (डिंडोशी अदालत) टी टी अगलावे ने पंडित की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। लेकिन अभी तक विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं हुआ है। तुली के पिता की शिकायत में कहा गया है कि उनकी बेटी और आरोपी पंडित घटना से 5-6 दिन पहले से एक ही कमरे में साथ रह रहे थे। हालांकि घटना वाले दिन आरोपी दिल्ली चला गया था।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी और पायलट की खानपान की आदतें अलग थीं और यही उनके बीच विवाद का कारण था। तुली मांसाहारी थी, जबकि पंडित शाकाहारी था। शिकायत में दावा किया गया है कि पंडित हमेशा तुली पर मांसाहार छोड़ने के लिए दबाव डालता था और इस कारण से उसने खुदकुशी कर ली।

आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनाता

हालांकि आदित्य पंडित के वकील अनिकेत निगम ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता। उन्होंने कहा कि "महज उनके बीच किसी बात पर लड़ाई होने से यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि प्रार्थी की कोई आपराधिक मंशा थीं" निकम ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में यह दिखाना जरूरी है कि लड़की के पास खुदकुशी के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

कई बार किया फोन

पंडित ने अपनी जमानत अर्जी में कहा कि दिल्ली के रास्ते में उसने कई बार तुली को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह चिंतित हो गया और वापस मुंबई पहुंचा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद पाया। आदित्य ने मुताबिक, जब कई बार खटखटाने के बाद भी तुली ने दरवाजा नहीं खोला तो उसने चाबी बनाने वाले एक व्यक्ति को बुलाया और दरवाजा खुलवाया। उसने कहा कि तुली को फांसी से लटका देख वह उसकी जान बचाने के लिए अस्पताल ले गया, हालांकि तब तक देर हो चुकी थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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