Maharashtra में 600 मराठी स्कूल बंद होने की कगार पर, 25,000 छात्रों पर संकट

Maharashtra में शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के कारण 600 मराठी माध्यम स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। इससे 25,000 छात्रों के स्कूल छोड़ने की आशंका है, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा संकट गहरा गया है।
Marathi Medium School
मराठी माध्यम स्कूल (सौ. Design Photo )
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Marathi Medium School Will Be Shut In Maharashtra: महाराष्ट्र के सभी मराठी-प्रेमी नागरिकों के लिए एक चौंकाने वाली खबर आ रही है। एक ओर जहां महाराष्ट्र में मराठी भाषा को विशिष्ट दर्जा मिलने की खुशी मनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर एक कड़वी सच्चाई भी सामने आ रही है।

महाराष्ट्र में लगभग 600 मराठी माध्यम के स्कूलों को बंद करने का समय आ गया है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग की शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के कारण स्कूलों में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यह प्रक्रिया शिक्षकों की संख्या और विद्यार्थियों की संख्या पर आधारित है।

15 मार्च 2024 के सरकारी निर्णय के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए भर्ती की घोषणा की गई थी। लेकिन कई स्कूलों में एक भी शिक्षक पद स्वीकृत नहीं किया गया है। इससे ग्रामीण और छोटे स्कूलों का प्रभावी ढंग से संचालन असंभव हो रहा है।

प्रधानाचार्य संघ ने इस समस्या के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जिससे मराठी शिक्षा के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है। शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के परिणामः समायोजन प्रक्रिया के कारण 600 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या आधे से भी ज्यादा कम हो गई है, जिससे स्कूलों के पूरी तरह शिक्षकविहीन होने की आशंका पैदा हो गई है। राज्य भर के स्कूल, खासकर ग्रामीण इलाकों के, सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

25,000 छात्र छोड़ सकते स्कूल

इस समायोजन के परिणामस्वरूप 25,000 से अधिक छात्रों के स्कूल छोड़ने की आशंका है। संगठनों ने कहा है कि छोटे स्कूलों के छात्र विशेष रूप से प्रभावित होंगे, जिनके लिए वैकल्पिक स्कूल उपलब्ध नहीं हैं।

आशंका है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की उपलब्धता कम हो जाएगी, जिससे स्कूल छोड़ने वालों की संख्या बढ़ेगी और लड़कियों की शिक्षा भी प्रभावित होगी। इससे राज्य में शैक्षिक असंतुलन बढ़ने की आशंका है। संगठनों ने इस नुकसान को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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