मुंबईकरों के लिए बड़ी राहत: सातों जलाशयों का जल भंडार 50% के पार; विहार और तुलसी झीलें पूरी तरह ओवरफ्लो

Mumbai Water Supply: मुंबई में भारी बारिश से जलापूर्ति करने वाले 7 प्रमुख जलाशयों का कोटा 50.77% तक पहुंचा। विहार और तुलसी के बाद तानसा व मोडक सागर झीलें भी भरने के करीब।
Total water stock in Mumbai's 7 supplying reservoirs crosses the 50% mark following continuous rainfall in catchment areas, easing daily water supply concerns.
तुलसी झीलें जल भंडार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mumbai Water Reservoirs: मुंबई में  लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने मुंबई की पेयजल व्यवस्था को बड़ी राहत दी है। इस मानसून में पहली बार शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों का संयुक्त जल भंडार 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार शनिवार सुबह 6 बजे तक जलाशयों में 7,34,891 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध था, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का 50.77 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे आने वाले महीनों के लिए शहर की जल सुरक्षा और मजबूत हुई है। इसी के साथ ही जलाशयों के भरने से मुंबईकरों को भी कुछ हद तक राहत मिली है। बीएमसी के अनुसार जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सभी प्रमुख जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तानसा जलाशय में 80.41 प्रतिशत और मोडक सागर में 77.44 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है।

मुंबई को सबसे अधिक पानी उपलब्ध कराने वाली भातसा में 45.35 प्रतिशत जल भंडार है, जबकि मध्य वैतरणा में 45.47 प्रतिशत और अपर वैतरणा में 30.66 प्रतिशत पानी संग्रहित है। शहर की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जलाशयों में विहार पूरी क्षमता के साथ शत प्रतिशत भर चुकी है, जबकि तुलसी 98.02 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच गई है। दोनों जलाशय 7 जुलाई को लगातार बारिश के बाद ओवरफ्लो हो चुकी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

संतोषजनक स्थिति में जलापूर्ति

मोडक सागर में 99 मिमी, अपर वैतरणा में 75 मिमी, भातसा में 74 मिमी, मध्य वैतरणा में 55 मिमी, तुलसी में 30 मिमी, तानसा में 29 मिमी और विहार में 6 मिमी वर्षा हुई। वहीं, भांडुप कॉम्प्लेक्स में 24 घंटे के दौरान 26 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे इस मानसून की कुल वर्षा 1,773 मिमी तक पहुंच गई।

बीएमसी ने बताया कि मध्य वैतरणा डब्ल्यूएससीपीओ का गेट 6 जुलाई से बंद है, जबकि अपर वैतरणा से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया भी उसी दिन से स्थगित है। इसका उद्देश्य जल भंडारण को सुरक्षित बनाए रखना है।

मानसून पर रखी जा रही है नजर

जलाशयों में आधे से अधिक पानी जमा होने से फिलहाल मुंबई शहर की जलापूर्ति को लेकर स्थिति काफी संतोषजनक है। हालांकि, मानसून अभी जारी है। मौसम विभाग ने संभावना जताया है कि आनेवाले दिनों में बारिश के तेजगति से रफ्तार पकड़ सकती है। इसलिए जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आगामी महीनों में भी मुंबईवासियों को निर्बाध और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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