

महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने बुधवार को कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग का काम संवेदनशील है, इसलिए सभी सरकारी एजेंसियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लागू की जा रही योजनाओं के संबंध में सभी सरकारी एजेंसियों को 'एक्शन मोड' में काम करने का निर्देश दिया है।
मंत्री महाजन ने मंत्रालय में एक बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के कामकाज की समीक्षा की। मंत्री महाजन ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्य की विभिन्न एजेंसियों को दी गई प्रशासनिक स्वीकृतियों के अनुसार कार्यों को तुरंत पूरा करना आवश्यक है। इसके लिए सभी एजेंसियों को 'एक्शन मोड' में काम करना चाहिए और स्वीकृत कार्यों को गति देने के लिए पारदर्शी तरीके से निविदा प्रक्रिया को तत्काल लागू करना चाहिए।
गिरीश महाजन ने सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने का भी निर्देश दिया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई निधि निर्धारित समय-सीमा के भीतर खर्च हो जाए। आपदा प्रबंधन मंत्री श्री महाजन ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान की गई सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सामग्री के उपयोग के लिए जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कॉलेज के युवाओं को आपदा प्रबंधन में शामिल किया जाना चाहिए और उन्हें इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन की समिति कक्ष में हुई इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक डॉ. भालचंद्र चव्हाण, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव विवेक दहफले, जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव रा.अ. काटपल्लीवार, मृदा और जल संरक्षण विभाग के संयुक्त सचिव वी. म. देवराज, महावितरण के कार्यकारी निदेशक द. वी. पडालकर, खार भूमि विभाग के कार्यकारी अभियंता वी.पा.पाटील, वित्तीय सलाहकार और संयुक्त सचिव अरुण कोल्हे, आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव द. ह. कदम, आपदा प्रबंधन के अवर सचिव रतनसिंह परदेशी, राज्य परियोजना अधिकारी श्रीदत्त कामत, नगर विकास विभाग की नम्रता मुंदड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। राज्य के सभी जिलाधिकारी और विभिन्न एजेंसियों के क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।