महाराष्ट्र में डेंगू और बर्ड फ्लू पर सख्ती, सरकार ने बनाई संयुक्त रोग नियंत्रण समिति

Dengue Bird Flu Control Plan: राज्य सरकार ने डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नई संयुक्त समिति गठित की है। जिला स्तर पर विभिन्न विभाग मिलकर महामारी नियंत्रण का काम करेंगे।
Dengue Bird Flu Control Plan
डेंगू बर्ड फ़्लू मॉनिटरिंग (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Dengue Bird Flu Control Plan Update: डेंगू, बर्ड फ्लू और अन्य संक्रामक व पशु जन्य बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है।

राज्य सरकार ने संक्रामक रोग प्रतिबंध व नियंत्रण समिति और पशुजन्य रोग समिति का एकीकरण कर नई संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित यह समिति महामारी, जलजनित, कीटजनित व पशुओं से फैलने वाली बीमारियों की निगरानी, रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी। सरकार का मानना है कि एकीकृत व्यवस्था से त्वरित कार्रवाई और रोग नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा।

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला

उल्लेखनीय है कि राज्य में डेंगू, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू समेत अन्य बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने दो जिलास्तरीय समितियों का एकीकरण कर नई जिलास्तरीय संक्रामक व पशुजन्य रोग प्रतिबंध एवं नियंत्रण समिति गठित करने को मंजूरी दी है। 21 मई को जारी शासन निर्णय के अनुसार नई समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी।

समिति में स्वास्थ्य, पशुसंवर्धन, जलापूर्ति, कृषि, वन, प्रदूषण नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और खाद्य व औषध प्रशासन विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि, बालरोग विशेषज्ञ और सूक्ष्मजीव वैज्ञानिक भी समिति का हिस्सा होंगे।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की जरूरत

  • राज्य सरकार का मानना है कि संक्रामक और पशु जन्य रोगों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। नई समिति जिले में रोगों की स्थिति का विश्लेषण, रोकथाम और नियंत्रण की रणनीति तय करेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करेगी।
  • समिति जलजनित, कीटजनित और पशु जन्य रोगों के नियंत्रण के लिए जिला त्वरित प्रतिक्रिया दल के साथ भी समन्वय बनाए रखेगी। शासनादेश के अनुसार समिति की बैठक वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी, जिसमें रोग नियंत्रण उपायों, प्रयोगशाला जांच व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि एकीकृत व्यवस्था से महामारी नियंत्रण तंत्र अधिक प्रभावी और तेज बनेगा।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com