महाराष्ट्र: अदालत ने घर खरीदारों को ठगने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज

Nikhil suicide case, Agarwal gets interim bail
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ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में भायंदर के एक डेवलपर की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी है। जिला न्यायाधीश आर आर काकानी ने मंगलवार को डेवलपर महेंद्र कोठारी की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी।     

नवघर पुलिस ने 28 मार्च, 2019 को कोठारी और चार अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों, महाराष्ट्र फ्लैट मालिकाना हक अधिनियम और 2017 के महाराष्ट्र रेरा अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।  इस मामले में अन्य आरोपियों में कोठारी के अलावा बाबूराज पनिकर, निहंत बाबूराज पनिकर, गौरव बाबूराज पनिकर और सैय्यद हसन शामिल है।     

पीड़ितों के मुताबिक मीरा रोड स्थित चैतन्य बिल्डर्स और डेवलपर्स के भागीदारों ने उनसे पैसे लिए थे, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं दिए और उनके साथ ठगी की।  प्राथमिकी के अनुसार, मामले में 1.30 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गयी थी और पीड़ितों के साथ 2014 और 2019 के बीच ठगी की गयी थी। (एजेंसी)

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