'अर्बन नक्सल' वाले बयान पर फंसे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, बालकृष्ण ने भेजा लीगल नोटिस

अर्बन नक्सल वाले बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पुणे के एक संगठन ने लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें संगठन ने सीएम को पुलिस और जनता के सामने अर्बन नक्सल एनजीओ के नामों का खुलासा करने, या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है।
Legal Notice to Eknath Shinde over Urban Naxal statement
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो: पीटीआई)
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पुणे. अर्बन नक्सल वाले बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पुणे के एक संगठन ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें संगठन ने सीएम को पुलिस और जनता के सामने उन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के नामों का खुलासा करने, या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री शिंदे को यह लीगल नोटिस बालकृष्ण उर्फ बंटी निधालकर ने वकील असीम सरोदे के माध्यम भेजा है। बालकृष्ण खुद को 'निर्भय बनो' जन आंदोलन का सक्रिय सदस्य बता रहे हैं।

नोटिस में क्या कहा गया

नोटिस में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दावे को 'बेतुका' और 'अवैध' करार दिया है और कहा गया है कि मुख्यमंत्री शिंदे के बयान का मतलब यह कि वह 'अर्बन नक्सल' एनजीओ को जानते हैं। मुख्यमंत्री उन सभी एनजीओ की जानकारी पुलिस को दे और सार्वजनिक रूप से इसका ऐलान करें, ताकि उन एनजीओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। अगर सीएम के बयान में कोई सच्चाई नहीं है तो अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

क्या बोले थे सीएम एकनाथ शिंदे

गौरतलब है कि बीते रविवार सीएम एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया था कि 'अर्बन नक्सल' कुछ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) में घुसपैठ कर चुके हैं और सरकार के खिलाफ झूठे विमर्श फैला रहे हैं। वे विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में कोंकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार निरंजन डावखरे के लिए एक रैली को संबोधित कर रहे थे। सीएम शिंदे ने कहा था कि सत्तारूढ़ गठबंधन के शानदार जीत की उम्मीद थी, लेकिन उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। नक्सली सिर्फ गडचिरोली में ही नहीं हैं। ‘अर्बन नक्सल’ ने एनजीओ में प्रवेश कर लिया है और व्यवस्थित रूप से सरकार के खिलाफ झूठे विमर्श गढ़े हैं। हालांकि सभी एनजीओ के साथ दिक्कत नहीं हैं, लेकिन कुछ स्पष्ट रूप से सरकार विरोधी हैं। वे हमारे (सत्तारूढ़) गठबंधन के बारे में सक्रिय रूप से झूठ फैलाते हैं। सीएम शिंदे ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा था कि केंद्र में राजग सरकार की उपलब्धियों को कमतर आंकने के उनके प्रयास लोकसभा चुनावों में विफल रहे।

लोकसभा चुनाव में महायुति का खराब प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में महायुति गठबंधन का प्रदर्शन खराब रहा। महायुति ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 17 सीटें जीतीं, जिनमें से एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 7 सीटें मिलीं। जबकि, 2019 में 23 सीटें जीतने वाली भाजपा केवल 9 सीट जीती और मात्र एक सीट अजित पवार के नेतृत्व वाली अजित पवार गुट को मिली। वहीं, विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने 31 सीटों पर कब्ज़ा जमा लिया। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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