NEET Paper Leak: क्या है लातूर पैटर्न? CBI रडार पर पीवी कुलकर्णी, जांच में खुले चौंकाने वाले राज

NEET Paper Leak मामले में महाराष्ट्र का लातूर पैटर्न अब जांच के घेरे में है। सीबीआई की पड़ताल में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के सिंडिकेट का बड़ा खुलासा हुआ है।
NEET Paper Leak Latur Pattern P.V. Kulkarni Manisha Waghmare:
नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पीवी कुलकर्णी व मनीषा वाघमारे (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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NEET Paper Leak Latur Pattern: नीट पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आज ही दिल्ली से पुणे की एक बॉटनी टीचर को गिरफ्तार किया गया। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। CBI ने गिरफ्तार आरोपी पीवी कुलकर्णी से उन सभी परीक्षा पत्रों को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्हें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से पहले तैयार किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी पीवी कुलकर्णी का संबंध नीट 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य मामलों से भी हो सकता है।

महाराष्ट्र के लातूर से सामने आया यह पूरा नेटवर्क अब 'लातूर पैटर्न' के नाम से चर्चा में है। सीबीआई जांच से पहले स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पूरे मॉड्यूल को लेकर कई अहम खुलासे किए थे। फिलहाल CBI की एक टीम लगातार लातूर में डेरा डाले हुए है। एजेंसी ने मशहूर आरसीसी इंस्टीट्यूट के शिवराज मोटेगांवकर से भी पूछताछ की है। इसके अलावा कई छात्रों और उनके अभिभावकों से भी सवाल-जवाब किए गए हैं।

नीट पेपर लीक: पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे मास्टरमाइंड

नीट पेपर लीक मामले में CBI की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे थे। दोनों ने मिलकर पुणे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में छात्रों तक पहुंच बनाई। यह पूरा रैकेट एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था, जो छात्रों की कमजोरियों और उनकी मजबूरियों का फायदा उठाता था।

NEET Paper Leak Infographic
NEET Paper Leak Infographic (Source: AI)

मिली जानकारी के अनुसार, इस नेटवर्क ने कई जगहों पर सेमिनार भी आयोजित किए। इसमें ज्यादातर पुराने छात्र एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के छात्रों की बताई जा रही है। शुरुआती जांच में लातूर का नाम सामने नहीं आया था। लेकिन एक अभिभावक की शिकायत के बाद जिला पुलिस ने अपनी जांच की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद मामला तेजी से खुलता चला गया।

2024 के पेपर लीक मामले में भी पूछताछ

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी नीट परीक्षा के पेपर सेट करने की प्रक्रिया में लंबे समय तक जुड़े रहे थे। इसी वजह से अब उनसे 2024 के पेपर लीक मामले में भी पूछताछ की जा रही है। पीवी कुलकर्णी के पास छात्रों का विस्तृत डेटा मौजूद था, जिसे उन्होंने मनीषा वाघमारे के साथ साझा किया। इसके बाद यह गैंग कोचिंग संस्थानों के मॉक टेस्ट के नतीजों के आधार पर कमजोर छात्रों की पहचान करता था और फिर उनसे संपर्क किया जाता था।

अमीर छात्राें से लाखों की वसूली

इस रैकेट में पैसों का खेल भी बेहद चौंकाने वाला है। अमीर परिवारों के छात्रों से लाखों रुपए वसूले जाते थे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का इस्तेमाल सिर्फ माध्यम के तौर पर किया जाता था। यही वजह है कि पेपर पाने वाले छात्रों में कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने 25 लाख रुपए तक दिए, जबकि कुछ ने सिर्फ 25 हजार रुपए चुकाए।

NEET Paper Leak Case Accused Arrest
NEET पेपर लीक मामले का आरोपी शुभम खैरनार (सोर्स: सोशल मीडिया)

पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीट परीक्षा वाले दिन मनीषा वाघमारे के बैंक खाते में 10 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। इसके अलावा कई छात्रों ने भी उसके खाते में 25-25 हजार रुपए जमा किए थे।

क्या है लातूर पैटर्न?

महाराष्ट्र में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला लातूर अपने शानदार रिजल्ट्स की वजह से 'लातूर पैटर्न' के नाम से मशहूर रहा है। यहां सैकड़ों कोचिंग संस्थान चलते हैं और हर साल बड़ी संख्या में छात्र नीट पास करते हैं। लेकिन अब यही लातूर पैटर्न नीट पेपर लीक विवाद के बाद जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया है।

CBI अब कई कोचिंग संस्थानों और उनके संचालकों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि पीवी कुलकर्णी ने अपने पद और पहुंच का इस्तेमाल कर कुछ संस्थानों तक लीक पेपर पहुंचाए। फिलहाल जब्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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