

Ladki Bahin Yojana Ineligible Beneficiaries: किसी भी महत्वाकांक्षी योजना की सफलता उसकी पारदर्शिता पर निर्भर करती है। महाराष्ट्र सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन' योजना अब इसी पारदर्शिता की कसौटी पर आ गई है। योजना में फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए सरकार ने ई-केवाईसी अनिवार्य किया था। अब इसे लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
लाडकी बहिन योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने e-KYC की सूची अपडेट कर दी है।इसमें करीब 54 लाख महिलाओं काे अपात्र घोषित कर दिया गया है और उनके आवेदन स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं। इसके चलते इन महिलाओं को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता अब बंद हो जाएगी।
योजना की शुरुआत में इसे जबरदस्त प्रतिसाद मिला था। राज्यभर से करीब 2 करोड़ 43 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था और उनके खातों में हर महीने 1500 रुपये जमा किए जा रहे थे। लेकिन सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने लाभार्थियों की गहन जांच शुरू की। इसके लिए 30 अप्रैल 2026 तक ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम तारीख तय की गई थी। अब ईकेवाईसी की प्रक्रिया के बाद और सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.89 करोड़ रह गई है।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान कई ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनके कारण लाखों महिलाओं को इस योजना से बाहर कर दिया गया।
लाडकी बहिन योजना में जिन महिलाओं को पात्र माना गया है, उन्हें पहले की तरह ही 1,500 की मासिक वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में मिलती रहेगी। हालांकि, जिन्हें अपात्र घोषित किया गया है, उनकी वित्तीय सहायता तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। इसके अतिरिक्त, सरकार अब उन व्यक्तियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त की थी।