मनोज जरांगे की हत्या के लिए 2.5 करोड़ की सुपारी! बीड के बड़े नेता का नाम आया सामने, मचा हड़कंप

Threat To Kill Manoj Jarange: मराठा आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे की हत्या की साजिश रचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कथित तौर पर ढाई करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने दो लोगों को हिसासत में लिया।
Manoj jarange
मनोज जरांगे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Manoj Jarange Patil Assassination Plot: महाराष्ट्र के बीड से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। मराठा आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की जान को खतरा होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मनोज जरांगे की हत्या की साजिश रची जा रही थी, और इस साजिश के पीछे बीड के एक बड़े नेता का हाथ होने की बात कही जा रही है।

यह भी बताया जा रहा है कि सुपारी की ऑफर देने वाला यह बड़ा नेता परली का है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह साजिश कुछ करोड़ों रुपये की ऑफर देकर रची गई थी। कहा जा रही है कि मनोज जरांगे को मारने के लिए 2.5 करोड़ रुपए की सुपारी देने की डील हुई है।

इस मामले के सामने आने के बाद, मनोज जरांगे के सहयोगी गंगाधर कालकुटे ने इस संबंध में जालना पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र दिया है। सूत्रों के अनुसार, गंगाधर कालकुटे को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। कालकुटे इस संबंध में जल्द ही बीड पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर निवेदन देंगे।

दो लोगों काे हिरासत में लिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जालना स्थानीय अपराध शाखा (Local Crime Branch) ने बीड से दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए इन व्यक्तियों के नाम अमोल खुणे और दादा गरुड हैं। बताया गया है कि अमोल खुणे मनोज जरांगे पाटिल का पुराना सहयोगी है।

स्थानीय अपराध शाखा इन दोनों हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से कड़ाई पूछताछ कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है। सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि मनोज जरांगे पाटिल स्वयं भी इस संबंध में देर रात जालना पुलिस अधीक्षक से मिले थे। पुलिस द्वारा इस मामले की गहन जांच जारी है।

नागपुर में किसान आंदोलन में हुए थे शामिल

बता दें कि नागपुर में प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर आंदोलन किया था। किसान आंदोलन में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे भी शामिल हुए थे। इस आंदोलन में उन्होंने बच्चू कडू और किसानों की कर्जमाफी और उनके हक की बात की।

30 अक्टूबर को मनोज जरांगे नागपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंदोलन स्थल पर बच्चू कडू और किसानों से मुलाकात की और उनके समर्थन में आवाज बुलंद की। उनके आगमन से आंदोलनकारियों में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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