नेपाल बस हादसे में महाराष्ट्र के 27 श्रद्धालुओं की मौत, देवेंद्र फडणवीस ने जताया शोक

नेपाल में शुक्रवार को एक भारतीय बस राजमार्ग से पलटकर मर्स्यांगदी नदी में गिरने से 27 लोगों की मौत हो गई है। यह सभी लोग महाराष्ट्र के जलगांव के निवासी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यहां बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर वहां से शवों और घायलों का वापस लाने के लिए भारतीय वायुसेना की विशेष उड़ान का प्रबंध करने का अनुरोध किया है।
27 devotees from Maharashtra died in Nepal bus accident
घटनास्थल पर बचावकर्मी (फोटो: पीटीआई)
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मुंबई/जलगांव. नेपाल में शुक्रवार को एक भारतीय बस राजमार्ग से पलटकर मर्स्यांगदी नदी में गिरने से 27 लोगों की मौत हो गई है। यह सभी लोग महाराष्ट्र के जलगांव के निवासी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यहां बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर वहां से शवों और घायलों का वापस लाने के लिए भारतीय वायुसेना की विशेष उड़ान का प्रबंध करने का अनुरोध किया है। एक सरकारी बयान के अनुसार, ये पीड़ित मुंबई से करीब 470 किलोमीटर दूर जलगांव जिले के वरणगांव, दरियापुर, तलवेल और भुसावल के थे।

केंद्र सरकार को लिखे पत्र में महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन निदेशक लाहू माली ने कहा कि 24 अगस्त की शाम में शवों और घायल यात्रियों को गोरखपुर लाया जाएग, लेकिन उन्हें वाणिज्यिक विमान से वापस महाराष्ट्र लाना संभव नहीं है, इसलिए वायुसेना के विमान का प्रबंध किया जाए। पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार गोरखपुर से हताहतों को नासिक तक लाने के लिए उड़ान का खर्च वहन करेगी।

नेपाल में सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के उप प्रवक्ता शैलेन्द्र थापा ने काठमाडू में ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की यह बस पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी, तभी यह तनहुन जिले के आइना पहारा में राजमार्ग से पलट गई। बस में चालक और दो सहायकों समेत 43 लोग सवार थे।

थापा ने बताया कि 16 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें हवाई मार्ग से काठमांडू लाया गया है और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार पोर्टल ‘माई रिपब्लिका' की खबर के मुताबिक, ये यात्री उन 104 भारतीय श्रद्धालुओं के समूह का हिस्सा थे, जो दो दिन पहले नेपाल की 10-दिवसीय यात्रा के लिए तीन बसों से महाराष्ट्र से नेपाल पहुंचे थे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यात्रियों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "जलगांव के जिलाधिकारी हताहतों को वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के जिलाधिकारी के संपर्क में हैं।''

महाराष्ट्र के राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार दुर्घटना में जान गंवाने वालों और जीवित बचे लोगों को वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि ये यात्री चार दिन पहले जलगांव के वरणगांव से अयोध्या गये थे।

जलगांव जिले के निवासी खडसे ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि उन्होंने पीड़ितों और बचे लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनकी पुत्रवधू केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे काठमांडू जाएंगी और उन्हें पीड़ितों और बचे हुए लोगों की वापसी की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमति मिल गई है।

महाराष्ट्र सरकार ने जलगांव के 16 लोगों की पहचान "कथित मृतक" के रूप में की है। उसने कहा कि रामजीत उर्फ मुन्ना, सरला राणे (42), भारती जावड़े (62), तुलशीराम तावड़े (62), सरला तावड़े (62), संदीप सरोदे (45), पल्लवी सरोदे (43), अनुप सरोदे (22), गणेश भारम्बे (40)), नीलिमा धांडे (57), पंकज भांगड़े (45), परी भारम्बे (8 वर्ष), अनीता पाटिल, विजया झावाड़े (50), रोहिणी झावाड़े (51) और प्रकाश कोडी की कथित तौर पर दुर्घटना में मौत हो गई। (एजेंसी एडिटेट)

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