

नागपुर: लंबे समय से प्रतीक्षित 1,167 करोड़ के गोकुलपेठ कॉम्प्लेक्स मार्केट अब टेक ऑफ के लिए तैयार है। पहले दुकानदारों ने कुछ कारणों से प्रकल्प का विरोध किया था। इसके बाद दुकानदारों की शिकायतों का निवारण करने का निर्णय प्रन्यास द्वारा लिया गया। अब दुकानदारों की ओर से स्वीकृति दी गई है, इसलिए 15 दिनों के भीतर एग्रीमेंट होने के बाद प्रकल्प के अवरोध खत्म होने तथा जल्द ही प्रकल्प की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
जानकारों की मानें तो दूसरी बार बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओटी) के तहत बोलियां आमंत्रित करने के लिए कमर कसी गई है। लंबे समय से विलंबित इस योजना से वर्तमान गोकुलपेठ बाजार को पूरी तरह से बदलने की उम्मीद है, जो वर्षों से खराब स्थिति में है और यातायात की समस्याओं से ग्रस्त है।
26 मंजिला होगा नया कॉम्प्लेक्स
बताया जाता है कि गोकुलपेठ कॉम्प्लेक्स को बीओटी तत्व पर पूरा करने की योजना है। इसके लिए बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। एनएमसी और एनआईटी संयुक्त रूप से इसका संचालन करेंगे। सूत्रों के अनुसार परियोजना के तहत गोकुलपेठ बाजार को वाणिज्यिक और आवासीय इकाइयों के साथ 26 मंजिला इमारत में बदल दिया जाएगा। वर्तमान में एनआईटी के करीब 70 पट्टाधारक (दुकानदार) हैं जबकि एनएमसी के करीब 230 दुकानदार हैं। उन्हें परिसर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। उनमें से कुछ ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। दुकानदारों के साथ भी समझौता कर उन्हें नई इमारत में इकाइयां दी जाएंगी।
4 बेसमेंट पार्किंग का विकल्प
गोकुलपेठ बाजार में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। नई योजना के अनुसार नई इमारत में चार बेसमेंट पार्किंग फ्लोर बनाए जाएंगे और इस जगह में करीब 2,600 कारें और 800 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। एनआईटी की 3.5 एकड़ जमीन पर योजना का निर्माण होगा। वाणिज्यिक इकाइयां जी+2 मंजिलों पर होंगी जिसके ऊपर आवासीय इकाइयां होंगी। परियोजना के तहत दो टावर बनाए जाएंगे। पर्याप्त पार्किंग स्थान होने के कारण क्षेत्र में पार्किंग की समस्या हल हो जाएगी।
वर्तमान में परिसर के पीछे की ओर खुला बाजार और छोटी दुकानें एनएमसी के पास हैं। एनएमसी ने सबसे पहले 2004 में गोकुलपेठ में एक मॉल का प्रस्ताव रखा था। लेकिन एनआईटी के साथ विवादों के कारण योजना में देरी हुई। 2014 में एनआईटी ने एक वास्तुकार को नियुक्त किया और 21 मंजिल वाले मॉल का प्रस्ताव रखा। लेकिन यह काम नहीं किया जिससे योजना को फिर से संशोधित किया गया।
पुणे की कम्पनी करेगी प्रकल्प
बताया जाता है कि पुणे की माथी डेवलपर्स को इसका कार्य सौंपा गया है। 491 करोड़ में से प्रन्यास को 245 करोड़ तथ मनपा को भी 245 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। प्रन्यास के अधिकार क्षेत्र में 14,205 वर्ग मीटर जगह है। इसमें से पार्किंग के लिए 1,395 वर्ग मीटर आरक्षित है। 3,886 वर्ग मीटर पर प्रन्यास का व्यापारिक संकुल होगा। प्रन्यास की ओर से दुकानदारों को 2040 तक की लीज पर आवंटन किया जाएगा जबकि यहां पर कार्यालयों के लिए 73 कमरे भी होंगे। इसी बाजार में स्थित 223 मटन शॉप और अन्य दुकानों का भी आवंटन किया जाएगा।