सूखे की दूसरी सूची से भी गड़चिरोली की 10 तहसीलें बाहर, किसानों में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी

Gadchiroli Farmer Drought Outrage Protest: गड़चिरोली की 10 तहसीलों को 14 अक्टूबर के शासन निर्णय के बाद भी सूखाग्रस्त सूची में जगह नहीं मिली। किसानों ने राहत की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
Gadchiroli Drought Farmer Relief Affected Tehsils
गड़चिरोली सूखाग्रस्त किसानसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • गढ़चिरोली जिले की 10 तहसीलें सूखाग्रस्त सूची से बाहर।

  • शुरुआत में केवल गढ़चिरोली और चामोर्शी तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया गया था।

  • 14 अक्टूबर के शासन निर्णय के बाद भी शेष तहसीलों को राहत नहीं मिली।

  • भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण पुनर्गठन और बिजली बिल में रियायत जैसी सुविधाओं से वंचित रहने की आशंका।

  • शेकाप नेता रामदास जराते ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।

Gadchiroli Drought Farmer Relief Affected Tehsils: बारिश की कमी और लंबे अंतराल से खरीफ फसलों पर असर के बीच गड़चिरोली जिले की 10 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल नहीं किए जाने से किसानों में नाराजगी है। 14 अक्टूबर के शासन निर्णय के बाद भी इन तहसीलों को राहत सूची में जगह नहीं मिली। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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दूसरी सूची से भी 10 तहसीलें बाहर

गड़चिरोली, खरीफ सीजन में अल्पवृष्टि और बारिश के लंबे अंतराल के कारण गड़चिरोली जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बावजूद जिले की 10 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल नहीं किए जाने से किसानों में नाराजगी है। जनप्रतिनिधियों, विपक्षी दलों और किसानों की ओर से जिले की सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की जा रही थी। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

शुरुआत में राज्य सरकार ने सूखे की स्थिति के आकलन के तहत 265 तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया था। इसमें गड़चिरोली जिले की केवल गड़चिरोली और चामोर्शी तहसीलों को शामिल किया गया था, जबकि शेष 10 तहसीलें सूची से बाहर थीं।

14 अक्टूबर के फैसले से भी नहीं मिली राहत

किसानों को उम्मीद थी कि बारिश की कमी और फसलों पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए अगली सूची में जिले की अन्य तहसीलों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि, 14 अक्टूबर को जारी शासन निर्णय के बाद भी गड़चिरोली की शेष 10 तहसीलों में से किसी को सूखाग्रस्त सूची में जगह नहीं मिली।

खबर के अनुसार, राज्य में कुल 305 तहसीलों को सूखे की स्थिति के दायरे में घोषित किया गया है। ऐसे में गड़चिरोली की तहसीलों को सूची से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।

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राहत और रियायतों से वंचित रहने की चिंता

सूखाग्रस्त घोषित तहसीलों के लिए सरकार की ओर से विभिन्न रियायतों का प्रावधान किया गया है। इनमें भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि ऋण की वसूली पर रोक और कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। स्कूली और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट देने का भी प्रावधान बताया गया है।

सूची से बाहर रहने के कारण गड़चिरोली की संबंधित तहसीलों के किसानों और ग्रामीण परिवारों को इन सुविधाओं का लाभ मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

धान उत्पादकों पर दोहरी मार का आरोप

गड़चिरोली जिले में सिंचाई की पर्याप्त सुविधाओं के अभाव और अनियमित बारिश के कारण धान उत्पादक किसान परेशान हैं। किसानों की फसलों पर तुडतुड़ा और माहू जैसे कीटों के प्रकोप का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में सूखे की राहत सूची से बाहर रहने पर उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

शेतकरी कामगार पक्ष के नेता रामदास जराते ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को बेसहारा छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जिले की सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग के बावजूद किसानों को राहत नहीं मिल रही है।

आंदोलन की चेतावनी

किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि बारिश की कमी तथा फसलों पर पड़े प्रभाव का आकलन कर जिले की शेष 10 तहसीलों को भी राहत सूची में शामिल किया जाए। मांग पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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