Pakistan: महाराष्ट्र के धुले में पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स का काला कारोबार; पुलिस ने दो व्यापारियों पर कसा शिकंजा

Dhule Pakistan Cosmetic Seizure: धुले पुलिस ने पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स बेचने वाले दो व्यापारियों को पकड़ा। 61 हजार का माल जब्त, कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
Dhule Pakistan Cosmetic Seizure
Dhule Pakistan Cosmetic Seizure प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Pakistan Cosmetic: महाराष्ट्र के धुले जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बेचे जा रहे पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स के जखीरे को पकड़ा है। लोकल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (LCB) की टीम ने शहर के दो प्रमुख बाजारों में छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये उत्पाद 'मेड इन पाकिस्तान' थे और इन्हें बिना किसी वैध आयात प्रक्रिया या आधिकारिक दस्तावेजों के धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो स्थानीय व्यापारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

पहली कार्रवाई जय शंकर मार्केट स्थित 'श्री साईं ट्रेडर्स' पर हुई, जहाँ दुकानदार कैलाश देवानंद नानकानी के पास से करीब 30 हजार रुपये का अवैध सामान मिला। इसके तुरंत बाद पुलिस की टीम ने नेशनल हाई स्कूल के पीछे स्थित पब्लिक मार्केट में धावा बोला। यहाँ फजलू रहमान मोहम्मद सलीम अंसारी की दुकान से भी लगभग 31 हजार रुपये के पाकिस्तानी प्रोडक्ट्स बरामद किए गए। दोनों जगहों से जब्त किए गए माल की कुल कीमत 61,474 रुपये बताई जा रही है। जांच के दौरान व्यापारी इन उत्पादों का कोई भी पक्का बिल या रसीद पेश नहीं कर सके।

विदेशी व्यापार नियमों का उल्लंघन

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स को बेचने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। बिना किसी वैध दस्तावेज के सीमा पार से आए सामान को बेचना न केवल व्यापार नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मामला है। जब्त किए गए प्रोडक्ट्स पर कोई आधिकारिक इम्पोर्ट लेबल भी नहीं था। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आखिर पाकिस्तान में बने ये उत्पाद धुले के बाजारों तक किस रास्ते से पहुँचे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए धुले पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। चालीसगांव और धुले सिटी पुलिस स्टेशन में फॉरेन ट्रेड एक्ट 1992 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मेडिसिन्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत मामला दर्ज किया गया है। व्यापारियों पर धोखाधड़ी और प्रतिबंधित तरीके से व्यापार करने के आरोप लगे हैं। जानकारों का कहना है कि बिना जांचे-परखे विदेशी कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल ग्राहकों की त्वचा के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।

श्रीराम पवार के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन

यह पूरी छापेमारी जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय देवरे के दिशा-निर्देशों पर की गई। एलसीबी के पुलिस निरीक्षक श्रीराम पवार और उनकी टीम ने बेहद गुपचुप तरीके से इस मिशन को अंजाम दिया ताकि आरोपियों को माल छिपाने का मौका न मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाजारों में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर उनकी नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, जब्त किए गए सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजा जा सकता है।

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