मीरा भाईंदर में उद्घाटन के एक साल के भीतर ही डबल-डेकर पुल जर्जर, उखड़ रहे पैच, जमा हाे रहा पानी

Thane News: दहिसर-मीरा भाईंदर मेट्रो लाइन 9 के नीचे बने डबल-डेकर पुल की हालत उद्घाटन के एक साल के भीतर ही खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं और कई जगहों पर बरसात का पानी जमा हो रहा है।
Mira Bhayander Double-Decker Bridge Dilapidated
पुल पर जगह-जगह हुए गड्ढे (फोटो नवभारत)
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Mira Bhayander Double-Decker Bridge Dilapidated News: ठाणे जिले में दहिसर-मीरा भाईंदर मेट्रो लाइन 9 के नीचे बने डबल-डेकर पुल की हालत उद्घाटन के एक साल के भीतर ही खराब हो गई है। अगस्त 2024 में धूमधाम से आम जनता के यातायात के लिए खोले गए इस पुल पर अब जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं और कई जगहों पर बरसात का पानी जमा हो रहा है। इससे रोजरना यातायात करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

मीरारोड पूर्व के प्लेज़ेंट पार्क, हाटकेश और सिल्वर पार्क जंक्शन को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण एमएमआरडीए ने यातायात समस्या को हल करने के लिए किया था, लेकिन उद्घाटन के एक साल भी पूरा नहीं होने पर ही पुल की सतह पर बड़े पैमाने पर गड्ढे बन गए हैं।

घटिया निर्माण का आरोप

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि काम बेहद घटिया स्तर का हुआ है। उनका कहना है कि ठेकेदार सिर्फ पैचिंग कर रहा है, लेकिन गड्ढे भरने के बाद भी दोबारा वे पैच उखड़ कर पुनः गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं।

स्थानीय निवासी अधिवक्ता कृष्णा गुप्ता ने एमएमआरडीए में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। गुप्ता का कहना है कि बारिश के दौरान पुल पर पानी जमा हो जाता है, क्योंकि बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था ही ठीक से नहीं बनाई गई है। इससे वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।

एमएमआरडीए की सफाई

एमएमआरडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने माना है कि पिछले एक साल में पुल पर गड्ढे पड़े हैं और पानी भी जमा हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के दौरान अस्थायी पैचिंग का काम शुरू कर दिया गया है और बरसात खत्म होने के बाद स्थायी मरम्मत की जाएगी। साथ ही, एक स्वतंत्र सलाहकार को पुल का निरीक्षण करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

जनता की नाराजगी

स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस पुल की हालत इतनी जल्दी क्यों बिगड़ी। उनका कहना है कि यह न केवल जनता के पैसों की बर्बादी है बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।

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