संजय गायकवाड़ पर भड़के CM फडणवीस, बोले- सभी विधायकों की गरीमा मिट्टी में मिला दी

शिंदे MLA संजय गायकवाड़ की कैंटीन कर्मचारी की पिटाई को सीएम फडणवीस ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने सभी विधायकों की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है।
सीएम फडणवीस, शिंदे MLA संजय गायकवाड़ (pic credit; social media)
सीएम फडणवीस, शिंदे MLA संजय गायकवाड़ (pic credit; social media)
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मुंबई: एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा कैंटीन कर्मचारी की पिटाई की सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विधान परिषद में सीएम फडणवीस ने कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। किसी के लिए ये सम्मानजनक नहीं है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि एक विधायक के रूप में संजय गायकवाड़ के व्यवहार ने सभी विधायकों की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों के बीच जवाबदेही की आवश्यकता है।

शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने बासी भोजन परोसे जाने को लेकर मुंबई में विधायक हॉस्टल के कैंटीन के कर्मचारी की पिटाई की थी। विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह घटना ‘आकाशवाणी एमएलए’ हॉस्टल में हुई थी।

संजय गायकवाड़ ने कहा, शिकायत मिलने पर नहीं किया काम

मारपीट पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा, आकाशवाणी कैंटीन में मैं 30 सालों से आता हूं। साढ़े पांच सालों से यहां रह रहा हूं। मैंने कई बार इनको खाने के बारे में समझाया कि आप खाना अच्छा दिया करो। 15 दिन का अंडा, 15 दिन का नॉनवेज, सब्जियां दो-दो चार-चार दिन की, हर किसी की यही शिकायत है।

पहला निवाला खाते ही मुझे उल्टी हुई

न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में शिवसेना विधायक ने आगे कहा, किसी के खाने में छिपकली निकलती है। किसी के खाने में चूहा निकलता है। किसी के खाने में रस्सी निकलती है। कल रात 10 बजे मैंने खाना ऑर्डर किया। मैंने दाल, चावल और दो चपाती मंगाई। चावल का निवाला खाते ही मुझे महसूस हुआ कि इसमें कुछ तो प्रॉब्लम है, मैंने उसको स्मेल किया तो वो सड़ा हुआ खाना था।

जिस हालत में मैं खाना खा रहा था वैसे ही मैं नीचे गया। मैंने पूछा कि ये खाना आपने दिया है तो बोले हां हमने दिया है। मैंने मैनेजर और उनके छह लोग और खाने पर जो लोग बैठे थे सबको स्लेम दिखाया। सबने कहा कि ये बहुत गंदा है, खाने जैसा नहीं है।

बात करके समझ नहीं आया इसलिए मेरे स्टाइल में समझाया

मैंने कहा कि आपको दसों बार समझाया है। आप हमारी जिंदगी से खेल रहे हो। ये पॉइजन वाला खाना हम खाएंगे तो कल हमारी जान को कुछ भी हो सकता है। हर भाषा में समझाने के बाद अगर ये लोग सुधरते नहीं हैं, तो मुझे मेरी स्टाइल से उनसे बात करना पड़ेगा।

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