

Devendra Fadnavis Travels Indigo Economy Class: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन दिनों अपने एक अलग और बेहद अनोखे अंदाज को लेकर देश भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। आम तौर पर देश के मुख्यमंत्रियों और बड़े राजनेताओं को भारी-भरकम सुरक्षा घेरे, लग्जरी गाड़ियों के काफिले और निजी चार्टर्ड विमानों में सफर करते देखा जाता है। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लगातार दो दिनों में दो ऐसी मिसालें पेश की हैं, जिसने VIP Culture को दरकिनार कर दिया है। कल जहां वे मुंबई की सड़कों पर बुलेट मोटरसाइकिल दौड़ाकर मंत्रालय पहुंचे थे, वहीं आज उन्होंने पुणे से बेंगलुरु जाने के लिए किसी चार्टर्ड प्लेन के बजाय इंडिगो एयरलाइंस की सामान्य इकोनॉमी क्लास की फ्लाइट चुनी।
दरअसल, इस समय पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर उपजे इस संकट और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी जिम्मेदार प्रतिनिधियों और नागरिकों से सादगी अपनाने और सरकारी व व्यक्तिगत खर्चों में फिजूलखर्ची रोकने की अपील की थी। प्रधानमंत्री के इसी आह्वान का सम्मान करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अपनी बेंगलुरु यात्रा के लिए सरकारी या निजी वीआईपी विमान का उपयोग न करने का फैसला किया। वे पुणे एयरपोर्ट पहुंचे और आम नागरिकों की तरह लाइन में लगकर इंडिगो की बजट फ्लाइट की इकोनॉमी क्लास में सवार हुए।
फ्लाइट के भीतर से मुख्यमंत्री की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। नेटिजन्स और राजनीतिक विश्लेषक उनके इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कोई शीर्ष नेता इस तरह का आचरण करता है, तो समाज और प्रशासन में एक सकारात्मक संदेश जाता है।
इस हवाई सफर से ठीक एक दिन पहले भी देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में सबको चौंका दिया था। मुंबई के भारी ट्रैफिक और वीआईपी काफिले की वजह से आम जनता को होने वाली असुविधा से बचने के लिए मुख्यमंत्री अपनी लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर बुलेट पर सवार हो गए थे। वे खुद हेलमेट पहनकर बुलेट चलाते हुए सीधे दक्षिण मुंबई स्थित राज्य सचिवालय यानी विधानसभा पहुंचे थे।
दो दिनों के भीतर बैक टू बैक सामने आए इन दो प्रसंगों ने यह साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री इस समय जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ने और सरकारी संसाधनों की बचत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। पश्चिम एशिया संकट के दौर में उनका यह कदम अन्य राजनेताओं के लिए भी एक बड़ा उदाहरण है।