

Maharashtra Drought Affected Area Girls Exam Fee Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के दौरान बारिश की कमी और सूखे से जुड़े अन्य मानदंडों के आधार पर 'ट्रिगर-1' लागू होने के बाद, राज्य भर के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया गया है। इस बीच सूखाग्रस्त क्षेत्रों की छात्राओं की चालू शैक्षणिक सत्र की परीक्षा फीस 100 प्रतिशत माफ करने की मांग उठ रही है।
इस संबंध में एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय छत्रपति संभाजीनगर के व्यवस्थापन परिषद सदस्य डॉ. साईनाथ बनसोडे ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विलास नांदवाडेकर को निवेदन सौंपा।
एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव से निवेदन में कहा गया है कि राज्य के अनेक क्षेत्रों में सूखे जैसी गंभीर स्थिति के कारण किसान, मजदूर और ग्रामीण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में परिवारों के लिए छात्राओं की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन हो गया है। परीक्षा शुल्क भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बन रहा है।
डॉ. साईनाथ बनसोडे ने कहा कि केवल आर्थिक कठिनाई के कारण किसी छात्रा को परीक्षा देने या उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी है कि संकट की इस घड़ी में छात्राओं को आवश्यक राहत प्रदान करे।
डॉ. बनसोडे ने मांग की कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाली सभी छात्राओं की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की जाए, ताकि उनकी शिक्षा और परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके। उन्होंने कुलसचिव से इस मांग पर तत्काल और सहानुभूतिपूर्वक विचार कर छात्राओं के हित में सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।
बता दें कि सूखे की स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा फीस माफ करने का ऐलान किया।
बोर्ड ने सभी डिविजनल बोर्ड्स को स्पष्ट किया है कि फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित होने वाली सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (कक्षा 10) और हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (कक्षा 12) परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म प्रभावित तालुकाओं के छात्रों से बिना कोई परीक्षा शुल्क लिए स्वीकार किए जाएं।