

Development Projects Chhatrapati Sambhajinagar City: छत्रपति संभाजीनगर शहर में विकास परियोजनाओं के नाम पर जगह-जगह सड़कें खोदी गईं, लेकिन अब इन सड़कों को फिर से ठीक करने का आर्थिक बोझ महानगरपालिका पर पड़ने की आशंका है।
पानी की नई योजना, जल निकासी व्यवस्था और गैस पाइपलाइन के लिए किए गए खोदकाम के बाद ठेकेदारों ने कितनी सड़कें वास्तव में बहाल की, कितने हिस्से का काम बाकी है और किया गया काम तय तकनीकी मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसका एकीकृत और पुख्ता हिसाब महानगरपालिका के पास नहीं है।
ऐसे में शेष पैचवर्क पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान सामने आया है। स्थिति यह है कि कई परियोजनाओं की निविदाओं में सड़क खोदने के बाद उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार या एजेंसी पर डाली गई थी।
इसके बावजूद अब अधूरे पैचवर्क का बोझ छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के हिस्से में आने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले ही करीब 1100 करोड़ रुपये के सडक कार्यों पर खर्च होने के बावजूद शहर की सड़कों की बदहाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नई जलापूर्ति योजना के लिए खोदी गई सड़कों के पैचवर्क की जिम्मेदारी निविदा की शर्तों के अनुसार जीवीपीआर कंपनी पर थी।
पानी की योजना के कारण खराब हुई सड़कों की शिकायतों के बाद महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने पैचवर्क की स्थिति का निरीक्षण किया। इसकी करीब 300 पन्नों की रिपोर्ट विभागीय आयुक्त की समिति के सामने रखी गई है। अब इसी रिपोर्ट और प्रत्यक्ष जांच के आधार पर यह तय होना है कि वास्तव में कितना काम हुआ और कितना बाकी है।
यदि लंबित पैचवर्क महानगरपालिका को अपने स्तर पर कराना पड़ा तो करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार आने की संभावना है। महानगरपालिका का कहना है कि जिन परियोजनाओं के कारण सड़कें खोदी गईं, उनकी बहाली संबंधित एजेंसियों से ही कराई जानी चाहिए। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में भी चर्चा होने की जानकारी है।
शहर के तीन विधानसभा क्षेत्रों में करीब 750 करोड़ रुपये की जल निकासी परियोजना का काम चल रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में सड़कों की खुदाई की गई है। यह काम गुजरात की अंकिता इंडस्ट्रीज को दिया गया है। निविदा के अनुसार 10,233.80 मीटर पैचवर्क किया जाना था। ठेकेदार ने इनमें से 6,913.72 मीटर काम पूरा होने का दावा किया है।
इस गणना के अनुसार 3,320.08 मीटर काम बाकी है। हालांकि, यह आंकड़ा फिलहाल ठेकेदार के दावे पर आधारित है और इसकी वास्तविक जांच होना बाकी है। गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। कितने स्थानों पर खुदाई हुई, कितने हिस्से का पैचवर्क पूरा हुआ इसका विवरण प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है।