CJP आंदोलन के समर्थन में तुषार गांधी, बोले- युवाओं का सवाल पूछना लोकतंत्र की पहली सीढ़ी

Tushar Gandhi On CJP Protest: तुषार गांधी ने CJP आंदोलन को लेकर कहा कि मंत्री का इस्तीफा बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देने के लिए मजबूर करना असली बदलाव है।
Tushar Gandhi And Abhijeet Dipke
तुषार गांधी और अभिजीत दिपके(फोटो नवभारत)
Updated on

Sambhajinagar Tushar Gandhi On CJP Protest: शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने बुधवार को एक अलग ही नजरिया सामने रखा।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है। असली सफलता यह है कि युवाओं के सवालों पर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

तुषार गांधी ने यह बात CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से बुधवार देेर शाम छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके आवास पर मुलाकात के दौरान कही। मुलाकात के बाद दीपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रविरोधी, अराजकतावादी और हिंसक तक कहा गया, लेकिन गांधीजी के परिवार का उनके साथ खड़ा होना उनके लिए बड़ा नैतिक समर्थन है।

इस्तीफे से आगे देखना होगा

तुषार गांधी के मुताबिक किसी मंत्री का इस्तीफा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है, लेकिन आंदोलन की वास्तविक ताकत तब दिखाई देती है जब आम युवा अपने अधिकारों और व्यवस्था को लेकर सवाल पूछने लगता है। उनका कहना था कि पिछले करीब 12 वर्षों में सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करना आसान नहीं रहा, लेकिन इस आंदोलन ने युवाओं को अपनी आवाज उठाने का मंच दिया।

उन्होंने कहा कि वे अधिकारों की हर लड़ाई में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं और इस आंदोलन में भी समर्थन के लिए मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यह मूल रूप से नई पीढ़ी की लड़ाई है और उनकी भूमिका एक समर्थक की है।

नई पीढ़ी में बढ़ रही सवाल पूछने की आदत

तुषार गांधी ने कहा कि आंदोलन का प्रभाव केवल जेनरेशन जेड तक सीमित नहीं है। जेनरेशन अल्फा के युवा भी अब अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार यही आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

CJP के आंदोलन को महाराष्ट्र से मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब युवा व्यवस्था से सवाल करने लगते हैं तो लोकतंत्र मजबूत होता है। सवाल उठना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलाव की पहली सीढ़ी है।

गांधी के रास्ते पर चला आंदोलन

अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनके संगठन पर कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गांधीजी की विचारधारा आज भी देश की आत्मा है और आंदोलन ने यह साबित किया है कि अहिंसा और लोकतांत्रिक तरीके से भी सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।

दीपके ने कहा कि गांधीजी के परिवार का समर्थन उनके लिए केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि आंदोलन की प्रकृति पर उठाए गए सवालों का जवाब भी है।

Tushar Gandhi And Abhijeet Dipke
AI से OTT तक: मराठी Gen Z के लिए खास फिल्म बनाएगी महाराष्ट्र सरकार, आधुनिक तकनीक और VFX पर रहेगा जोर

रिजिजू के बयान पर भी प्रतिक्रिया

तुषार गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने छात्र आंदोलनों के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों से तुलना की थी। तुषार गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का प्रतिनिधि होने के कारण रिजिजू का बयान वास्तविक घटनाओं को सही तरीके से पेश नहीं करता।

इस मुलाकात के बाद CJP आंदोलन का केंद्र केवल एक मंत्री के इस्तीफे से हटकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, युवाओं की आवाज और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों पर जाता दिखाई दे रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com