

MPSC Protest Students Gather At Kranti Chowk: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का गुस्सा अब पुणे से निकलकर मराठवाड़ा-विदर्भ तक पहुंच गया है। सोमवार को पुणे में छात्रों के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक पर MPSC की तैयारी कर रहे हजारों छात्र एकत्र हुए।
सुबह करीब 11 बजे छात्र हाथों में विरोध के पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की।
करीब दो घंटे तक नारेबाजी और विरोध के बाद छात्रों ने क्रांति चौक पर धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में युवाओं के अचानक सड़क पर उतरने से इलाके में लोगों की भीड़ भी जुट गई। प्रदर्शन के कारण क्रांति चौक पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
छत्रपति संभाजीनगर में हो रहे इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अलग-अलग अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की। शोले फिल्म के मशहूर संवाद ‘कितने आदमी थे’ की तर्ज पर ‘अब तक कितनी बार पेपर लीक हुई’ लिखी पट्टिका लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इस पट्टिका पर अभिनेता अमजद खान की फिल्मी किरदार वाली तस्वीर भी लगाई गई थी।
एक अन्य तख्ती पर आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए व्यंग्यात्मक संदेश लिखा गया था। छात्रों ने सीआईडी सीरियल के कलाकारों की तस्वीरों वाली तख्तियां भी हाथों में ले रखी थीं। इन पोस्टरों और नारों के जरिए प्रदर्शनकारी पेपर लीक की घटनाओं और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
प्रदर्शन में छात्रों के साथ छात्राओं की भी बड़ी संख्या दिखाई दी। हजारों युवाओं के एकजुट होकर प्रदर्शन करने से क्रांति चौक पर कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह आंदोलनमय हो गया।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर पद की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर उनका भरोसा टूट गया है। एक छात्र ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण विद्यार्थियों में आक्रोश और संदेह बढ़ रहा है।
छात्रों के मुताबिक कुछ समय पहले तक संयुक्त परीक्षा का कटऑफ करीब 43 से 45 के बीच रहता था, लेकिन अब यह बढ़कर 62 से 65 तक पहुंच गया है, जिससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होने की भावना पैदा हुई है। प्रदर्शनकारियों ने MPSC के पूर्व अध्यक्ष और सचिव के कार्यकाल के प्रशासन की भी जांच कराने की मांग की।
उनका कहना है कि उस दौरान हुई नियुक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्रों ने सरकार से पेपर लीक मामले की तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।