

छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल की ओपीडी की पहली मंजिल पर शुरू हुआ दूसरा औषधालय।
मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
रोजाना ढाई से तीन हजार मरीजों का होता है ओपीडी में पंजीकरण।
मेडिसिन, बाल, त्वचा, स्त्री रोग और जेरियाट्रिक्स विभाग के मरीजों को सुविधा।
जांच प्रक्रिया में प्रतीक्षा समय घटाने के लिए भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई।
Chhatrapati Sambhajinagar Ghati Hospital Free Medicines: छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी की पहली मंजिल पर भी औषधालय शुरू किया गया है। इससे भूतल पर दवाएं लेने के लिए लगने वाली भीड़ कम करने में मदद मिल रही है। अस्पताल में रोजाना ढाई से तीन हजार मरीजों का पंजीकरण होता है और नई व्यवस्था से बुजुर्गों, दिव्यांगों व महिला मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
छत्रपति संभाजीनगर, घाटी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दवाएं लेने के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। ओपीडी के भूतल पर स्थित औषधालय के साथ अब पहली मंजिल पर भी दूसरा औषधालय शुरू किया गया है। इससे मरीजों को कुछ ही मिनटों में मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब ढाई से तीन हजार मरीजों का पंजीकरण होता है। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों को डॉक्टरों की जांच के बाद दवाएं लेनी पड़ती हैं। पहले एक ही स्थान पर भीड़ जुटने से मरीजों का काफी समय कतार में बीतता था। नई व्यवस्था से भीड़ को दो स्थानों पर बांटने और दवा वितरण आसान बनाने में मदद मिल रही है।
दवा वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू होने से बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिला मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। मरीजों को संबंधित विभाग के अनुसार औषधालय से दवाएं दी जा रही हैं।
भूतल पर स्थित औषधालय से सर्जरी और अस्थिरोग विभाग के मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं, पहली मंजिल पर शुरू किए गए औषधालय से मेडिसिन, बाल रोग, त्वचा रोग, स्त्री रोग और जेरियाट्रिक्स यानी वृद्धावस्था चिकित्सा विभाग के मरीजों को दवाएं दी जाती हैं।
मरीजों की परेशानी कम करने के उद्देश्य से अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी सुक्रे के मार्गदर्शन में चिट्ठीमुक्त घाटी पहल शुरू की गई थी। इसी क्रम में दवा वितरण व्यवस्था का विस्तार किया गया है, ताकि मरीजों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दवाएं लेने में कम समय लगे।
नई व्यवस्था से अस्पताल में भीड़ प्रबंधन बेहतर होने और मरीजों को इलाज के बाद दवाएं लेने में होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।
घाटी अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में भर्ती मरीजों को डॉक्टरों की सलाह पर रक्त, मूत्र सहित विभिन्न जांचें करानी पड़ती हैं। जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे प्रतीक्षा समय कम करने में मदद मिलने की बात कही गई है।
दवा वितरण और जांच प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयासों से मरीजों का समय बचाने के साथ अस्पताल की सेवाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है।