Santosh Deshmukh Murder Case: सरकारी वकील निकम ने कोर्ट में दिए तथ्य, खुल गया सरपंच की हत्या का राज, जानें क्या थी वजह

बीड जिले के सरंपच संतोष देशमुख हत्याकांड के मामले में बुधवार को विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने प्रासंगिक दस्तावेजों सहित मामले के तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए। इसमें बताया कि हत्या की पीछे की वजह क्या थी।
Santosh Deshmukh Murder Case: सरकारी वकील निकम ने कोर्ट में दिए तथ्य, खुल गया सरपंच की हत्या का राज, जानें क्या थी वजह
संतोष देशमुख (सोर्स: सोशल मीडिया)
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बीड: महाराष्ट्र के बीड जिले के सरंपच संतोष देशमुख हत्याकांड में अदालत द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड सहित 8 लोगों के खिलाफ अप्रैल में आरोप तय किये जाने की संभावना है। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बुधवार को प्रासंगिक दस्तावेजों सहित मामले के तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए।

अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। निकम ने कहा कि अदालत अगले महीने मामले में आरोप तय करेगी जिसके बाद मुकदमा शुरू होगा। सरपंच की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया।

महाराष्ट्र के बीड जिले की एक अदालत को अभियोजन पक्ष ने बुधवार को सूचित किया कि जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या पवनचक्की परियोजना से जुड़ी ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली की कोशिशों का विरोध करने की वजह से की गई।

क्या बोले सरकारी वकील उज्ज्वल निकम

उज्ज्वल निकम ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि किस तरीके से संतोष देशमुख का पहले अपहरण किया गया, उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और फिर अंततः उनकी हत्या कर दी गई। लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत को यह भी बताया गया कि अपराध के पीछे का मकसद देशमुख का हस्तक्षेप और कंपनी से आरोपियों द्वारा की गई जबरन वसूली के प्रयासों का विरोध करना था। बता दें कि बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच देशमुख को पिछले साल 9 दिसंबर को कथित तौर पर एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली को रोकने का प्रयास करने पर अगवा कर लिया गया था और उन्हें यातनाएं देकर मार डाला गया था।

वाल्मिक कराड सहित 8 लोग गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड सहित आठ लोगों को अब तक इस मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराएं लगाई गई हैं। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान सुदर्शन घुले, विष्णु चाटे, जयराम चाटे, महेश केदार, सुधीर सांगले, प्रतीक घुले और सिद्धार्थ सोनावणे के रूप में हुई। इस मामले में कृष्णा अंधले नामक व्यक्ति वांछित आरोपी है।

सरपंच के परिवार ने की सीआईसी के अधिकारियों से मुलाकात

सुनवाई से पहले उज्ज्वल निकम ने मृतक सरपंच के परिवार के सदस्यों और अपराध जांच विभाग (CID) के अधिकारियों से मुलाकात की। निकम ने सुनवाई के बाद ‘पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा कि मैंने आज अभियोजन पक्ष की ओर से दलील रखने की शुरुआत की। मैंने अदालत को घटनाओं के क्रम और हत्या के पीछे की आपराधिक साजिश के बारे में बताया। सरपंच की हत्या के पीछे का मकसद अदालत को बताया गया।

अदालत को बताया गया कि आरोपी सुदर्शन घुले मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड के निर्देशानुसार काम कर रहा था। निकम ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की, जिसमें अवाडा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मियों को धमकी दी गई थी। विशेष सरकारी वकील निकम ने बताया कि मामले से संबंधित दस्तावेज भी आरोपी के वकील को सौंपे गए।

धनंजय देशमुख ने निकम से की मुलाकात

इस बीच, मृतक सरपंच के भाई धनंजय देशमुख ने अदालती सुनवाई से पहले निकम से मुलाकात की। धनंजय ने संवाददाताओं से कहा कि यह एक शुरुआती बैठक थी। हमने उनके साथ अलग से एक बैठक की मांग की थी। हम अपनी मांगों के बारे में न्यायिक समिति को भी पत्र लिखने जा रहे हैं और इसकी प्रति सीआईडी, बीड के पुलिस अधीक्षक और अन्य को दी जाएगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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