

Chhatrapati Sambhajinagar AI Legal Ethics: देशभर में न्याय व्यवस्था तेजी से तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अदालतों और कानूनी प्रक्रियाओं का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। अनुबंधों की समीक्षा से लेकर पुराने अदालती मामलों के विश्लेषण, ई-डिस्कवरी वर्कफ़्लो और न्यायिक प्रशासन तक एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि भविष्य के वकील और कानूनी पेशेवर एआई को कितनी अच्छी तरह समझ पाएंगे और उसका प्रभावी उपयोग कर सकेंगे। इसी दिशा में मराठवाड़ा क्षेत्र ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मराठवाड़ा लीगल एंड जनरल एजुकेशन सोसाइटी के मणिकचंद पहाड़े लॉ कॉलेज (एमपी लॉ कॉलेज), छत्रपति संभाजीनगर और फाइंडेबिलिटी साइंसेज के बीच पांच वर्षों के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत क्षेत्र में पहली बार समर्पित लीगल एआई शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। दोनों संस्थानों का मानना है कि मराठवाड़ा एआई आधारित कानूनी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
समझौते के अंतर्गत एमपी लॉ कॉलेज परिसर में ‘लीगल एआई में तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स’ शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक ‘एआई एवं लीगल एथिक्स रिसर्च लैब’ भी स्थापित की जाएगी, जहां कानून और तकनीक से जुड़े नए शोध किए जाएंगे। इस कोर्स का पहला बैच शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शुरू होने की संभावना है।
यह कोर्स केवल एमपी लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रैक्टिस कर रहे वकीलों, लॉ स्नातकों, अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों तथा संबद्ध क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए भी खुला रहेगा। कॉलेज प्रशासन द्वारा जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया और विस्तृत पाठ्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में न्यायालयों में एआई आधारित प्रक्रियाओं का उपयोग और अधिक बढ़ेगा। ई-कोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट के माध्यम से अदालतों में अनुवाद, ट्रांसक्रिप्शन, इंटेलिजेंट शेड्यूलिंग और कोर्ट प्रशासन जैसे कार्यों में एआई तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में कानूनी शिक्षा में तकनीक का समावेश छात्रों और पेशेवरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। एमपी लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज की यह पहल मराठवाड़ा में कानूनी शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।