फिल्मी पीछा, पुलिस पर चढ़ाई कार! 18.78 लाख की ड्रग्स जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार

Illegal Drug Trade: छत्रपति संभाजीनगर में फोडीन सिरप की तस्करी करते तीन आरोपियों को फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ा गया। पुलिस पर कार चढ़ाने की कोशिश भी की गई। 18.78 लाख का माल जब्त।
Filmy chase, car rams into police! Drugs worth ₹18.78 lakh seized, 3 accused arrested.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Drug Racket Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर शहर में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान के तहत अपराध शाखा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लातूर से चारपहिया वाहन के जरिए फोडीन फॉस्फेट युक्त सिरप की तस्करी कर रहे 3 आरोपियों को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर गिरफ्तार किया है।

विशेष बात यह है कि चालक ने पुलिस को रौंदने की भी कोशिश की। आरोपियों से 12 लाख, 48, 800 रुपए की नशीली दवाएं व वाहन संग कुल 18 लाख, 78, 800 रुपए का माल जब्त कर लिया। इनमें शेख समीर सैयद अल्ताफ व उमर अब्दुल शेख हैं गिरोह पर मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त प्रविण पवार ने कहा कि छावनी स्थित हनुमान मंदिर चोरी मामले के आरोपियों की तलाश अपराध शाखा की टीमें शनिवार को तैनात थीं।

केर्मद्रज चौक क्षेत्र में संदिग्ध कार (एमएच-12-एचएन-9917) नजर आई। पुलिस के वाहन रोकने का संकेत देने पर चालक ने चकमा देते हुए तेज गति से वाहन सावंगी रोड के रास्ते नारेगांव की ओर भगाया गया।

तदुपरांत आईपी मेस सावरकर चौक क्षेत्र में वाहन रोकने की कोशिश की गई, परंतु चालक ने सीधे पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करते हुए फरार होने की कोशिश की। पंचायत समिति कार्यालय के पास वाहन को घेरकर व हल्का बल प्रयोग कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

लातूर से शहर में बिक्री के लिए लाई गई सिरप

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें खाकी रंग के 26 बॉक्स में कुल 3120 बोतलें कोडीन फॉस्फेट युक्त सिरप पाई गई। नशीली दशा का बजार मूल्य 12 लाख, 48,800 रुपए है। यह सारा माल लातूर से शहर में बिक्री के लिए लाया गया था।

आरोपियों से 3 मोबाइल फोन व चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए है, करीब दो महीने पहले चंपा चौक क्षेत्र से अशफाक पटेल को 2 पिस्तौल व छह जिंदा कारतूस संग अपराध शाखा ने दबोचा था।

जांच में सामने आया है कि इसी अशफाक ने लातूर से करीब 12 लाख रुपए की कोडीन युक्त दवाओं का स्टॉक शहर में मंगवाया था व उसकी खोज जारी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि लातूर के जिन मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका है, उन्हीं के नाम पर नाही में इस्तेमाल होने वाली दवाएं मंगवाई गई थी। संबंधित मेडिकल दुकानदारों के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज कर पूरी सप्लाई चेन की गहराई से जांच जारी है।