सटीक हो मीटर की रीडिंग वरना होगी कार्रवाई

Aurangabad, Customer Service Mahavitaran
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औरंगाबाद : उत्कृष्ट ग्राहक सेवा (Customer Service) और राजस्व (Revenue) के लिए महावितरण (Mahavitaran) की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए बिजली मीटर की रीडिंग (Electricity Meter Reading) किसी भी हाल में सटीक (Accurate) होनी चाहिए। महावितरण ने मीटर रीडिंग में सटीकता के लिए बहुत गंभीर कदम उठाए हैं। गलत बिजली बिल और बिल मरम्मत के गड़बड़ से ग्राहकों को होने वाली असुविधा के साथ-साथ महावितरण के राजस्व का नुकसान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटर रीडिंग में लापरवाही करने वाले मीटर रीडिंग एजेंसियों और महावितरण के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी निदेशक (संचालन) संजय ताकसांडे ने औरंगाबाद में मीटर रीडिंग एजेसियों के संचालक और प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दिया। 

कारण बताओ नोटिस जारी

इस बीच, पिछले दो महीनों से सटीक रीडिंग में सुधार न होने के कारण, बिजली मीटर अच्छी स्थिति में होने के बावजूद, औसत या गलत रीडिंग आदि के बावजूद दोषपूर्ण मीटरों की जानबूझकर गलत व्याख्या, आदि प्रकार दिखाए देने के चलते औरंगाबाद जिले के दो, बीड और हिंगोली जिले के प्रति एक इस तरह चार मीटर रीडिंग एजेसियों का आनन फानन में ठेका रदद किया गया। साथ ही महावितरण के एक अधीक्षक अभियंता सहित कार्यकारी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। 

औरंगाबाद परिक्षेत्र के अंतर्गत सभी मीटर रीडिंग एजेंसियों के निदेशकों और प्रतिनिधियों की बैठक महावितरण के औरंगाबाद परिक्षेत्र के मुुख्यालय में संपन्न हुई। बैठक में निदेशक (संचालन) संजय ताकसांडे, सह प्रबंध निदेशक डॉ. मंगेश गोंदावले, कार्यकारी निदेशक (भुगतान और राजस्व) योगेश गडकरी, मुख्य अभियंता संजय पाटिल (भुगतान और राजस्व), दत्तात्रेय पडलकर, मुख्य अभियंता, नांदेड़ सर्कल, सुंदर लटपटे, मुख्य अभियंता, लातूर सर्कल, औरंगाबाद सर्कल के प्रभारी मुख्य अभियंता प्रकाश जमधडे उपस्थित थे। बैठक के दौरान एजेंसी के निदेशकों को फोटो मीटर रीडिंग में त्रुटि, गलत रीडिंग, मीटर की खराबी के बारे में गलत टिप्पणी देकर उसमें सुधारणा करने को लेकर एजेंसी के संचालकों को उपाय सुझाव गए। 

प्रतिदिन होगी मीटर रीडिंग की समीक्षा

संजय ताकसांडे ने कहा कि बिलिंग का मुख्य आधार मीटर रीडिंग है। इसके लिए 100 प्रतिशत सटीकता की आवश्यकता होती है। हालांकि, तथ्य यह है कि गलत या दोषपूर्ण रीडिंग से महावितरण को राजस्व की हानि होती है और बिजली बिलों की मरम्मत में ग्राहकों को अनावश्यक रूप से असुविधा होती है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केवल मीटर रीडिंग एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करना ही मुख्य उद्देश्य नहीं है। हालांकि, रीडिंग के लिए सटीकता और गुणवत्ता मानदंड में कोई उल्लंघन होने पर एजेंसियों और महावितरण अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल और संभागीय कार्यालयों द्वारा प्रतिदिन सटीक मीटर रीडिंग की समीक्षा की जाए। प्रतिदिन पर्यवेक्षण करें। बिलिंग या रीडिंग में किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत दूर किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि ग्राहकों का बिल सही हो। साथ ही मीटर रीडर की नियुक्ति करते समय संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण, संचार कौशल, गुणवत्ता। आदि पर संबंधित अधिकारियों ने एजेंसी से जांच कराने के निर्देश ताकसांडे ने दिए। 

सह प्रबंध निदेशक डॉ. मंगेश मंगेश गोंदावले ने कहा कि पिछले दो महीनों में बिलिंग और मीटर रीडिंग में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि इस काम में तेजी लाने की जरूरत है। साथ ही इस्तेमाल की गई बिजली की हर यूनिट की वसूली की जाए, जिस पर महावितरण के इंजीनियर और कर्मचारी कड़ी निगरानी रखें।

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