

Sambhajinagar Electricity Safety Advisory: छत्रपति संभाजीनगर में मानसून की शुरुआत के साथ तेज हवाओं, आंधी, बिजली को गर्जना व भारी बारिश के चलते विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं, टूटी हुई बिजली की तारों, बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर, फीडर पिलर और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
इसे देखते हुए नागरिकों को चाहिए कि वे बिजली संबंधी उपकरणों व संरचनाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने व विशेष सतर्कता बरतने की अपील महावितरण कंपनी ने की है। कंपनी के मुख्य अभियंता दीपक कुमठेकर ने बताया कि भारी बारिश और तेज आंधी के दौरान बिजली की तारें टूट जाती है।
इसके साथ ही खंभे गिरना, ट्रांसफॉर्मर से चिंगारियां निकलना या शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में लटकती या टूटी हुई बिजली की तारों को छूने का प्रयास न करें। यदि ट्रांसफॉर्मर, फीडर पिलर या बिजली के खंभे के पास शॉर्ट सर्किट दिखाई दे, तो उस क्षेत्र से दूर रहें और तुरंत महावितरण को इसकी सूचना दें।
मुख्य अभियंता दीपक कुमठेकर का कहना रहा कि, बारिश के मौसम में घरों में नमी वाले विद्युत उपकरण, कृषि पंपों के स्विच बोर्ड व खुली बिजली की तारों के चलते भी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसे देखते हुए नागरिक अपने घर, सोसायटी और आसपास की विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा की सघन जांच अवश्य करें। इसके अलावा टीन (चादर) के मकानों में रहने वाले लोगों को भी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
इस बीच, महावितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी अपील की है कि बिजली के खंभों से पशुओं को न बांधे और न ही उनके सहारे दोपहिया वाहन खड़े करें। बाढ़ की स्थिति में नदी किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें, भूमिगत बिजली लाइनों में पानी भरने, पेड़ गिरने या बिजली गिरने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में नागरिकों को बेहद सावधानी बरतकर बेशकीमती जान माल का बचाव करने की अपील की गई है।
अतिवृष्टि, आंधी-तूफान या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण यदि बिजली की तारें टूट जाएं, खंभे गिर जाएं, ट्रांसफॉर्मर में खराबी आए या किसी भी किस्म की विद्युत दुर्घटना की आशंका हो, तो नागरिक तत्काल महावितरण को इसकी सूचना दें। इसके लिए हेल्पलाइनः 1912, टोल-फ्री नंबर 1800-212-3435 व 1800-233-3435 के अलावा स्थानीय नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं।