जायकवाड़ी में सिर्फ 28% पानी, फिर भी उद्योगों की सप्लाई में नहीं होगी कटौती; जिला प्रशासन की बड़ी राहत

Sambhajinagar water supply: जायकवाड़ी बांध का जलस्तर घटकर 28.66% होने के बावजूद छत्रपति संभाजीनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की कटौती नहीं होगी। प्रशासन जुलाई अंत में करेगा समीक्षा।
Despite Jayakwadi dam's water level dropping to 28.66%, Chhatrapati Sambhajinagar administration assures no water cuts for industries until July end.
जायकवाड़ी बांध जलस्तर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Jayakwadi Dam Water Level 2026: मराठवाड़ा में मानसून की देरी और जायकवाड़ी बांध में लगातार घटते जल भंडार के बीच जिला प्रशासन ने उद्योग जगत को बड़ी राहत दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली पानी की आपूर्ति में किसी प्रकार की कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस घोषणा से जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में फैली चिंता काफी हद तक दूर हो गई है।

जायकवाड़ी में घट रहा जल भंडार

जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद मराठवाड़ा में मानसून ने दस्तक नहीं दी है। इसके कारण जिले के प्रमुख जल स्रोत जायकवाड़ी बांध का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। 15 जून तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बांध में केवल 28.66 प्रतिशत जल भंडार शेष बचा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक नहीं है और उपलब्ध पानी अभी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

पेयजल संकट के कारण बढ़े टैंकर

बारिश में देरी का असर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर पानी की कमी के चलते टैंकरों की संख्या बढ़ानी पड़ी है। ऐसी परिस्थितियों में यह आशंका जताई जा रही थी कि पेयजल को प्राथमिकता देने के लिए सिंचाई और उद्योगों को मिलने वाले पानी में कटौती की जा सकती है। लेकिन जिला प्रशासन ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

जुलाई के अंत में होगी स्थिति की समीक्षा

जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जल्द ही मानसून सक्रिय होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि जुलाई के अंत तक संतोषजनक वर्षा नहीं होती है, तभी जल उपलब्धता की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल किसी भी क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है।

पांच औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा नियमित पानी

छत्रपति संभाजीनगर जिले में शेंद्रा, बिडकीन सहित पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं, जहां हजारों छोटे-बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन उद्योगों को उत्पादन प्रक्रिया के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। यदि जल आपूर्ति में कटौती होती तो इसका सीधा असर उत्पादन और रोजगार पर पड़ सकता था। प्रशासन के ताजा बयान से उद्योगों को राहत मिली है और फिलहाल उनके लिए पानी की आपूर्ति पूर्ववत जारी रहेगी।

हालांकि मानसून की प्रगति और जल भंडार की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले कुछ सप्ताह जिले की जल व्यवस्था और भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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