छत्रपति संभाजीनगर: एक क्लिक पड़ा भारी, साइबर ठगों ने बैंक अपडेट के नाम पर खाते से निकाले 24.79 लाख रुपये

Cyber Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में बैंक अपडेट के नाम पर भेजी गई फर्जी APK फाइल खोलते ही रिटायर्ड इंजीनियर के खाते से 10 मिनट में 24.79 लाख रुपये साइबर ठगों ने उड़ा दिए।
Fake APK Bank Update Cyber Fraud Retired Engineer Lost Rs24 Lakh In Sambhajinagar
बैंक अपडेट के नाम पर साइबर ठगी (सोर्स: AI)
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 Fake Apk Bank Update Cyber Fraud: बैंक के नाम पर भेजी गई एक फर्जी एपीके (एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज) फाइल पर क्लिक करना 70 वर्षीय सेवानिवृत्त अभियंता को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने महज 10 मिनट के भीतर उनके बैंक खाते से छह ऑनलाइन लेनदेन कर 24 लाख 79 हजार 980 रुपये उड़ा लिए। मामले में सिडको पुलिस थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

कैसे हुऐ ठगी के शिकार?

पुलिस के अनुसार, एन-11 सिडको निवासी दिगंबर दत्तात्रय वायकोस महावितरण कंपनी से कनिष्ठ अभियंता पद से सेवानिवृत्त हैं। 25 जून की रात करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर पंजाब नेशनल बैंक के नाम से एक एपीके फाइल भेजी गई। इसे बैंक का आधिकारिक अपडेट समझकर उन्होंने खोल लिया। कुछ ही देर बाद मोबाइल पर लगातार छह संदेश आए, जिनमें खाते से रकम निकलने की सूचना थी।

जांच करने पर पता चला कि छह अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 24.79 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। घटना का पता चलते ही वायकोस ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने उन्हें तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद करने और अगले दिन साइबर पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। बाद में क्षेत्राधिकार सिडको पुलिस थाने का होने के कारण मामला वहां स्थानांतरित किया गया। जांच निरीक्षक अतुल येरमे कर रहे हैं।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने बताएं उपाय

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बैंक, बिजली कंपनी, कुरियर सेवा या किसी भी सरकारी संस्था के नाम पर मोबाइल पर आने वाली APK फाइल को कभी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। ऐसे फर्जी एप्लिकेशन साइबर अपराधियों द्वारा लोगों के मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने के लिए भेजे जाते हैं। किसी भी बैंक या सरकारी संस्था की ओर से ऐप अपडेट के लिए इस तरह की फाइलें नहीं भेजी जातीं।

यदि गलती से ऐसी फाइल डाउनलोड हो जाए या ऑनलाइन ठगी का शिकार बन जाएं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बैंक और नजदीकी पुलिस स्टेशन को तुरंत सूचना दें। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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