पारिवारिक विवाद में हो रही हत्याएं की वारदाते, मीडिया में आ रही खबरों से खफा हुए सीपी डॉ. निखिल गुप्ता

CP NIKHIL GUPTA
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औरंगाबाद : शहर (City) में बीते एक महीने से अचानक हत्याओं (Murders) की वारदातों में इजाफा हुआ है। इन में अधिक तर हत्याएं की वारदातें पारिवारिक विवाद (Family Disputes) को लेकर सामने आयी है। ऐसे में शहर में हत्याओं की घटना को लेकर स्थानीय मीडिया में अपराधों (Crimes) का ग्राफ बढ़ने को लेकर से प्रकाशित हो रही खबरों पर सीपी डॉ. निखिल गुप्ता (CP Dr. Nikhil Gupta) ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि, पारिवारिक विवाद में हत्या की वारदाते हो रही है। इन घटनाओं के बाद शहर में अपराध बढ़ने की प्रकाशित हो रही खबरों से वे खफा (Anger) हुए। 

पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहर के सीपी डॉ. निखिल गुप्ता ने साफ कहा कि पिछले कुछ दिनों में शहर में पारिवारिक विवाद को लेकर हत्याएं की घटनाओं का सिलसिला जारी है। सीपी ने कहा कि रिलेशन में लोग छोटी-छोटी बातों पर अपने ही परिवार के सदस्य की हत्या कर रहे है। उसके लिए पुलिस क्या कर सकती? अगर कोई गुंडा या अपराधिक व्यक्ति भरे चौराह में किसी की हत्या करता है, तब यह कहना उचित होगा कि शहर से पुलिस का डर खत्म हुआ है, या फिर क्राइम बढ़ा है। उन्होंने साफ कहा कि आज भी शहर में गुंडे, बदमाशों, अपराधियों में पुलिस का डर बरकरार है। सीपी ने माना कि नशे में दो बदमाशों ने हत्या की वारदातों को अंजाम दिया है। शहर में नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है। शहर पुलिस को उसमें कामयाबी भी मिल रही है।  

ठाकरे की सभा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 

सीपी ने बताया कि, कल बुधवार शाम शहर के मराठवाड़ा सांस्कृतिक मंडल के प्रांगण में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आयोजित सभा को लेकर शहर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए है। सभा स्थल के स्टेज के निकट सुरक्षा के दृष्टि से 17 कैमरे लगाए गए है। इसके अलावा प्रांगण और आस-पास परिसर में भी कैमरे लगाकर हर व्यक्ति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। सभा की सुरक्षा के लिए 5 डीसीपी, 6 एसीपी, 200 के करीब पीआई, एपीआई और पीएसआई तैनात रहेंगे। वहीं, 1 हजार पुलिस कर्मचारी, 400 होमगार्ड भी सभा के लिए तैनात किए जाएंगे। औरंगाबाद के अलावा अन्य जिलों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था रेलवे स्टेशन रोड़ पर स्थित कर्णपुरा मैदान पर की गई है। शहर से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था विवेकानंद कॉलेज और एमपी लॉ कॉलेज के प्रांगण पर की गई है। प्रांगण भरने पर खडकेश्वर में स्थित खुले मैदान पर माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी को लेकर बनाए गए पंडाल में लोगों को स्क्रीन लगाकर सभा सुनने की व्यवस्था की जाएगी। 

डीजी कार्यालय को भेजा गया 2 डीसीपी के पदों का प्रस्ताव 

शहर के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखकर 2 अतिरिक्त डीसीपी के पदों का प्रस्ताव राज्य के पुलिस महासंचालक कार्यालय को भेजे जाने की जानकारी सीपी डॉ. निखिल गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि आए दिन शहर में यातायात की समस्या गंभिर हो रही है। इसलिए यातायात विभाग के जिम्मे के लिए स्वतंत्र डीसीपी पद और क्राइम ब्रांच के लिए स्वतंत्र डीसीपी पद निर्माण करने का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने आशा जताया कि गृह मंत्रालय से जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। सीपी ने शहर के उद्योजकों की मांग पर शेन्द्रा एमआईडीसी को पुलिस आयुक्तालय में शामिल करने के भेजे गए प्रस्ताव के लिए कई दस्तावेजों की पूर्ति करना था। पुलिस आयुक्तालय द्वारा सारे दस्तावेजों की पूर्ति कर चुका है। ऐसे में सरकार से जल्द शेन्द्रा एमआईडीसी को शहर पुलिस आयुक्तालय में शामिल कर वहां स्वतंत्र पुलिस स्टेशन निर्माण करने को मंजूरी मिलने की आशा सीपी डॉ. निखिल गुप्ता ने जतायी। 

अपराधों को उजागर करने में दूसरे नंबर पर है औरंगाबाद पुलिस

एक सवाल के जवाब में सीपी डॉ. गुप्ता ने शहर पुलिस द्वारा अपराधों को उजागर करने में आए दिन हो रही कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि, बीते वर्ष पूरे राज्य में अपराधों को उजागर करने में औरंगाबाद शहर पुलिस 2 नंबर पर रही। डॉ. गुप्ता ने बताया कि गत वर्ष शहर पुलिस ने कुल दर्ज मामलों में से 82 प्रतिशत अपराधों को उजागर करने में कामयाबी हासिल की है। गत 7 सालों में बीते वर्ष सबसे अधिक अपराध उजागर करने में शहर पुलिस कामयाब रही। गत तीन वर्ष का अपराधों के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए सीपी ने बताया कि बलात्कार, महिलाओं पर अत्याचार, खून, डकैती की वारदातों का प्रमाण 5 से 10 प्रतिशत कम ज्यादा रहा हैं। उन्होंनें बताया कि आर्मस कानून के तहत प्रो एक्टिव कार्रवाइयां शहर पुलिस द्वारा बड़े पैमाने जारी है। गत वर्ष शहर पुलिस ने आर्मस एक्ट के तहत 72 केस दर्ज किए है। 

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