Sambhajinagar में सनसनीखेज हत्या केस, कोर्ट का सख्त फैसला; आरोपी को उम्रकैद

Sambhajinagar Murder Case: संभाजीनगर में पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2022 में हुए इस जघन्य अपराध में दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
Sensational Murder Case in Sambhajinagar: Court Delivers Strict Verdict; Accused Sentenced to Life Imprisonment
Sambhajinagar Domestic Violence Crime( Source: Social Media )
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Sambhajinagar Domestic Violence Crime: छत्रपति संभाजीनगर पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपी पति को जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत 25,000 हजार रुपये दंड भी लगाया गया।

यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर डी खेड़ेकर ने गुरुवार, 9 अप्रैल को सुनाया। दोषी आरोपी का नाम मच्छिंद्र पिराजी पिटेकर (55, निवासी राहुल नगर) है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल नगर क्षेत्र की गली नंबर 4 निवासी बिल्कीस उर्फ मीना (50) ने करीब 25 वर्ष पूर्व मच्छिंद्र पिटेकर संग प्रेम विवाह किया था और वह किराए के कमरे रह रही थी।

4 जून 2022 की रात करीब 11:30 बजे उसके पति मच्छिंद्र पिटेकर ने बिल्कीस पर पहले चाकू से हमला किया, तदुपरांत घर के बाहर रखे पत्थर के खलबट्टे (मूसल) से उसके सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया था। हमले के दौरान महिला की मौके पर ही मौत के बाद आरोपी घर बाहर से बंद कर फरार हो गया था। अगले दिन सुबह 7 बजे घटना प्रकाश में आई।

आरोपी के पास मिली घर की चाबी

प्रकरण में मृतका की पहली बेटी शमा रफीक शेख की शिकायत पर सातारा पुलिस थाने में अलग-अलग धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपी को अगले ही दिन उसे उसके गांव चिलकनवाड़ी से दबोच लिया। उस समय उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे और घर में लगाए गए ताले की चाबी भी उसके पास से मिली थी।

10 गवाहों के दर्ज किए गए थे बयान

तत्कालीन पुलिस निरीक्षक व जांच अधिकारी सर्जेराव सानप ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सहायक लोक अभियोजक अरविंद बागुल ने 10 गवाहों के बयान पेश किए।

सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में एड. अरविंद बागुल को एड. मोनाली बागुल ने सहयोग किया। पैरवी अधिकारी के रूप में उपनिरीक्षक भाऊसाहेब बोर्ड ने कार्य संभाला।

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