

Sambhajinagar Haj House Waqf Board Dispute: हज हाउस में महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल के मुख्य कार्यालय को स्थानांतरित करने की प्रस्तावित योजना के खिलाफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने मोर्चा खोल दिया है। नवभारत में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए विरोधी पक्ष नेता समीर साजिद बिल्डर के नेतृत्व में एमआईएम के सभी पार्षदों ने पंचक्की स्थित वक्फ मंडल कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और प्रस्ताव का कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यक आयुक्त कार्यालय में भी अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
मनपा में विरोधी पक्ष नेता समीर साजिद बिल्डर ने कहा कि हज हाउस का निर्माण केवल सरकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए नहीं किया गया था। यह हज यात्रियों के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और समाज हित से जुड़े कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ही अल्पसंख्यक आयुक्त कार्यालय, मराठी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा वक्फ बोर्ड के विधि सलाहकारों के कार्यालय यहां स्थानांतरित किए जा चुके हैं। अब मुख्य कार्यालय को भी हज हाउस में लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इसके मूल उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एमआईएम नेताओं ने कहा कि हज हाउस राज्य के लाखों मुस्लिम नागरिकों की आस्था और हजारों हज यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इस भवन का उपयोग प्रशासनिक कार्यालयों के लिए करने के बजाय हज यात्रियों, विद्यार्थियों और समाज के हित में सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाना चाहिए।
नवभारत में प्रकाशित समाचार के बाद इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट किया कि समाज की भावनाओं की अनदेखी कर यदि वक्फ मंडल के मुख्य कार्यालय को हज हाउस में स्थानांतरित किया गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
विरोधी पक्ष नेता समीर साजिद बिल्डर ने कहा कि यदि प्रशासन ने प्रस्तावित निर्णय वापस नहीं लिया, तो एमआईएम और मुस्लिम समाज की ओर से कानून के दायरे में रहकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पन्न होने वाले जनाक्रोश की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी। साथ ही हज हाउस को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखते हुए वहां हज यात्रियों और विद्यार्थियों के लिए अधिक सुविधाएं विकसित करने की मांग भी की गई।