

Maharashtra Police Tobacco Regulation: छत्रपति संभाजीनगर धारा 6 अ में 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को तंबाकू व तंबाकूजन्य पदार्थों की बिक्री व खरीदी पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कोटपा कानून पर प्रभावी अमल नहीं किए जाने से नाबालिग जहां तक कश लगाते व गुटखे की पीक मारते दिखाई देते हैं।
इस आलोक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तंबाकू नियंत्रण कोटपा कानून 2003 कार्यशाला का आयोजन कर प्रशिक्षण दिया गया, इसका प्रमुख उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से बचाना व आदर्श समाज प्रस्थापित करना था।
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले, जिला शल्यचिकित्सक डॉ. कमलाकर मुदखेड़कर व जिला अस्पताल के अतिरिक्त जिला शल्यचिकित्सक डॉ. भूषणकुमार रामटेके के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन जिला अस्पताल का जिला तंबाकू नियंत्रण कक्ष व मराठवाड़ा ग्रामीण विकास संस्था ने किया।
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक संभाजी पवार, डॉ श्रुति, एपीआई गच्छे, पुलिस आयुक्तालय सीमा क्षेत्र के सभी धानों के पदाधिकारी मौजूद रहे। डीटीसीसी सेल के जिला समन्वयक जावेद कुरैशी ने एनटीसीपी प्रोग्राम की जानकारी दी।
प्रकल्प संचालक अप्पासाहेब उगले ने कहा कि धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पाबंदी है। धारा 5 में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर, चारा 6 में में शैक्षणिक संस्थाओं के 100 यार्ड क्षेत्र में तंबाकू व तंबाकू जन्य पदार्थों की बिक्री पर रोकने की बात भी उन्होंने कही, टोबैको बर्डन के बारे में मार्गदर्शन भी किया, एमजीवीएस की प्रकल्प प्रबंधक अन्नपूर्णा दोरे ने सभी पुलिस प्रमुखों च उपस्थितों को तंबाकू का सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई। कोटपा कानून का अपने-अपने स्तर पर प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन की अपील भी की गई।