छत्रपति संभाजीनगर सिडको : बालासाहेब ठाकरे स्मृतिवन का काम अंतिम चरण में, 17 एकड़ में बन रहा 38 करोड़ का स्मारक

Chhatrapati Sambhajinagar Memorial Park: सिडको एन-5 स्थित बालासाहेब ठाकरे स्मृतिवन का कार्य अंतिम चरण में है। 17 एकड़ में 38 करोड़ से स्मारक विकसित हो रहा है, 51 फीट कांस्य प्रतिमा का काम जारी है।
Chhatrapati Sambhajinagar CIDCO: Work on Balasaheb Thackeray Smritivan is in its final stages, with a memorial worth Rs 38 crore being built on 17 acres.
Sambhajinagar Memorial Park ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Garden Development: छत्रपति संभाजीनगर सिडको परिसर के प्रियदर्शिनी उद्यान परिसर में विकसित किए जा रहे शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे स्मृतिवन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।

उद्यान विभाग द्वारा लगभग छह हजार देसी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, जबकि चार हजार वर्गमीटर क्षेत्र में हरित लॉन तैयार किया गया है। बालासाहेब ठाकरे की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का काम लंबित रहने के कारण स्मृतिवन का लोकार्पण फिलहाल टल गया है।

सिडको एन-5 परिसर की 17 एकड़ भूमि पर स्मारक और उद्यान का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करीब 38 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्मृतिवन और स्मारक का काम अंतिम चरण में है।

दिल्ली को 'डिजाइन फैक्टरी इंडिया' एजेंसी द्वारा उद्यान का निर्माण कार्य किया गया है। मनपा को प्रतिमा निर्माण के लिए सात निविदाएं प्राप्त हुई थी। चयनित एजेंसी द्वारा 51 फीट ऊंची पूर्णाकृति प्रतिमा कांस्य (ब्रॉन्ज) धातु में तैयार की जा रही है।

धुले की 'सरमद क्रिएशन' के माध्यम से प्रतिमा निर्माण कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है। प्रतिमा चयन समिति के समक्ष क्ले मॉडल प्रस्तुत किया गया था।

2 हजार वर्गमीटर में तालाब

उद्यान की भूमि प्राकृतिक रूप से गहरी होने के कारण आसपास से आने वाले पानी को यहीं रोका गया है, लगभग दो हजार वर्गमीटर क्षेत्र में तालाब विकसित किया गया है।

तालाब के चारों ओर सैर के लिए ट्रैक बनाया गया है। साथ ही, सिडको एन-5 के टैंक से टैंकर भरते समय व्यर्थ जाने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से उद्यान तक पहुंचाया जा रहा है।

देसी प्रजातियों के लगाए पौधे

स्मृतिवन में नीम, पीपल, खिरनी, आम, सीताफल, उंबर, कचनार, ताम्हाण, शीशम, आंवला, रुद्राक्ष, नारियल, चीकू, इमली, चाफा, बकुल, फणस, अर्जुन, कदंब, अशोक, पलाश, बरगद, शमी, भोकर, कैलाशपति, उंडी, शिवण, मधुकामिनी सहित अनेक देसी प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए है। प्रतिमा कार्य पूर्ण होते ही स्मृतिवन के उद्‌घाटन की तैयारी की जाएगी।

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