Ch. Sambhaji Nagar में एएनसी की बड़ी कार्रवाई: 2,504 कोरेक्स सिरप की बोतलें जब्त, 12 आरोपी गिरफ्तार

छ. संभाजी नगर के Anti Narcotics Squad के हाथों एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। हाल ही में एक इस दल ने एक लॉजिस्टिक कंपनी पर छापा मारकर नशीली दवाइओं समेत कई अन्य चीजों को जब्त किया है।
Chhatrapati Sambhaji Nagar
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News: नशीले पदार्थ विरोधी दस्ता (एएनसी) ने नामी पार्सल कंपनी वीआरएल लॉजिस्टिक कंपनी में दबिश देकर नशीली दवाइयों 2504 कोरेक्स सिरप की बोतलों संग, कार रिक्शा, मोबाइल व फर्जी दस्तावेज, बिल व लाइसेंस संग 12 लाख, 48, 200 रुपए का माल जब्त किया है।

जांच पड़ताल में यह गोरखधंधा संगठित गिरोह के अंतर्गत संचालित करने की बात सामने आई है। प्रकरण में 41 केस दर्ज कर 12 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। इन सभी अभियुक्तों पर मकोका के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने 13 सितंबर को संवाददाता सम्मेलन में दी।।

रहस्योद्धाटन करते उन्होंने कहा कि इस गिरोह का मराठवाड़ा संग अन्य शहरों में नेटवर्क है, उन्होंने कहा कि प्रकरण में हत्थे चढ़े आरोपियों अविनाश पाटील (34, शिरसगांव, चालीसगांव, जिला जलगांव), अरशद पठान (26, बायजीपुरा), समीर शेख (23, मोतीकारंजा), अब्दुल अजीम शहा (30, शहानूरवाड़ी), मोहसिन तांबोली (25, बायजीपुरा), सैयद समीर उर्फ स्टायलो (27, बायजीपुरा), सोहेल शाह (24, बायजीपुरा), सोहेल सलीम ईलाबी (20, नवाबपुरा, मोंढा रोड), रिजवान खान (25, रेंगटीपुरा), सैयद अल्ताफ जफर (22, बायजीपुरा), अमोल येवले (30, धामोड़े, येवला, नाशिक), रूपेश पाटील (29, शिरसगांव टाकली, जलगांव) शामिल हैं। शनिवार को अदालत में पेश करने पर पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया।

आरोपियों को सौंपी गईं थी जिम्मेदारियां

रूपेश पाटील (नाशिक): रैकेट का सरगना। राज्य से माल मंगवाना, आर्थिक व्यवहार संभालना व अन्य सहयोगियों संग समन्वय साधना। अविनाश पाटील (जलगांव) प्रत्यक्ष माल मंगवाना, ट्रान्सपोर्टरों के जरिए शहर में लाकर गोदाम से आगे वितरण।

अमोल येवले (नाशिक): औषध दुकानदार व डिस्ट्रीब्यूटर्स से संपर्क रखना, नकली प्रिसक्रिप्शन बनाना अरशद पठान, समीर शेख, अब्दुल अजीम शहा शहर के मुख्य पेडलर हैं उनके जरिए छोटी गलियों, स्कूल-कॉलेज क्षेत्र व युवाओं तक नशीली दवाइयां पहुंचाई जाती थीं।

असरदार नशे को प्राथमिकता सीपी पवार ने कहा कि यह दवा नशा के लिए बेहद कड़क व असरदार होने से उसकी मांग अधिक थी। आरोपी खुद के नाम के इस्तेमाल से बचकर अन्य लोगों के नाम, बैंक खातों, मोबाइल क्रमांक व वाहनों से कारोबार करते थे।

मेडिकल के बजाए वॉटर प्यूरीफायर का कारोबार

सीपी पवार ने कहा कि पुलिस को सूदना मिली थी कि गिरोह के जरिए उत्तराखंड से कोडीनयुक्त सिरप मंगवाकर चालीसगांव, मालेगांव व शहर में उसकी आपूर्ति की जा रही है। फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ट्रान्सपोर्ट के जरिए माल मंगवाया जा रहा था। इसके चलते पुलिस ने नहीनाभर नजर रखकर कार्रवाई की, आरोधी अविनाश पाटील पार्सल लेने के लिए कार से आने पर उसे पकड़कर उसके कब्जे से 20 बॉक्स मिले, जांच करने पर रायटस सिरप की 2,504 बोतले मिली, तदुपरांत माल लेने के लिए आए अरशद पठान, समीर शेख व अब्दुल शहा भी पुलिस के जाल में फस गए। सीपी पवार ने कहा कि, आरोपी अमोल येवले के नाम से फार्मेसी लाइसेंस व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नशीली दवाइयां मगवाई जा रही थी। जांच में मेडिकल के बजाए वॉटर प्यूरीफायर का व्यवसाय जारी होने का खुलासा हुआ।

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