शिक्षक समिति ने लगाया 39 लोगों पर आरोप, शिक्षकों के दस्तावेजों में हेराफेरी

Chhatrapati Sambhaji Nagar : महाराष्ट्र में शिक्षकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता को लाने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। इस सिस्टम के अंतर्गत 1 ही समय में 40,000 ट्रांसफर पूरे किए गए।
Chhatrapati Sambhaji Nagar : महाराष्ट्र में शिक्षकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता को लाने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। इस सिस्टम ते अंतर्गत 1 ही समय में 40,000 ट्रांसफर पूरे किए गए।
स्कूल टीचर (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: राज्य में शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणाली लागू को थी। वर्ष 2018 में इस प्रणाली के तहत एक ही समय में 40 हजार तबादले पारदर्शी तरीके से पूरे किए गए थे। तब से हर साल यही प्रणाली लागू की जा रही है।

हालांकि, शिक्षक समिति ने आरोप लगाया है कि, छत्रपति संभाजीनगर जिले में 39 स्नातक शिक्षकों ने इस प्रणाली को दरकिनार कर दस्तावेजों में हेराफेरी करके अपनी सुविधानुसार स्कूलों में स्थानांतरण करवा लिया।

समिति ने कहा है कि, 'जिला परिषद स्कूलों में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाने के लिए स्नातक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें समाजशास्त्र, विज्ञान और भाषा विषय शामिल हैं। शुरुआत में, 2018 में स्थानांतरण करते समय संबंधित शिक्षकों ने विषय को सही दिखाकर स्थानांतरण करवा लिया था। हालांकि, बाद में जब उन्हें पता चला कि, उनके घर के पास के स्कूल में कोई रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं। तो कुछ शिक्षकों ने दस्तावेजों में फेरबदल करके और खुद को इस घटना के विरोध में शिक्षक समिति ने धरना दिया।

आयुक्त कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

शिक्षक समिति के जिलाध्यक्ष विजय सातकर ने कहा है कि इन शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर जाच की जानी चाहिए। यदि प्रशासन 8 पतंबर तक कार्रवाई नहीं करता है, तो विभागीय पयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

शिक्षक समिति का धरना

इस घटना के विरोध में शिक्षक समिति ने 18 अगस्त को मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया, इसके बाद, समिति ने दस्तावेजों में छेडछाड करने वाले 39 शिक्षकों की सूची जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व शिक्षा अधिकारी को सौपी, हालांकि, इस मामले के दस दिन बाद भी संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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